मनोज कुमार त्रिपाठी
दांग, नेपाल। लुम्बिनी प्रदेश सरकार द्वारा आगामी आर्थिक वर्ष 2083/84 के लिए 37 अरब 38 करोड़ 45 लाख रुपये का बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद चेम्बर ऑफ कॉमर्स लुम्बिनी ने बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चेम्बर का कहना है कि ‘समृद्ध लुम्बिनी, खुशहाल नागरिक’ अभियान को निरंतरता देने वाले इस बजट में कुछ सकारात्मक पहलें जरूर हैं, लेकिन इसमें अपेक्षित नवीनता और उत्साह का अभाव दिखाई देता है।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स लुम्बिनी के अध्यक्ष टंक पोखरेल ने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना, सामाजिक विकास, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल लुम्बिनी जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, लेकिन अधिकांश कार्यक्रम पिछले वर्षों की योजनाओं की निरंतरता जैसे प्रतीत होते हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में नई सोच और परिवर्तनकारी दृष्टिकोण की बजाय पुरानी योजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति अधिक दिखाई देती है। उनका कहना था, “इसे उत्कृष्ट बजट नहीं कहा जा सकता। कुछ सकारात्मक प्रयास जरूर किए गए हैं, लेकिन समग्र रूप से बजट अपेक्षित उत्साह पैदा करने में सफल नहीं दिखता।”
पोखरेल ने बताया कि उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और समावेशी आर्थिक विकास जैसे विषयों को बजट में शामिल किया गया है, लेकिन निजी क्षेत्र को व्यावहारिक रूप से आकर्षित करने वाले ठोस कार्यक्रमों और स्पष्ट कार्यान्वयन रणनीति का अभाव है। उद्यम विकास कोष, स्टार्टअप कार्यक्रम और उद्योगों को दी जाने वाली विभिन्न रियायतें सकारात्मक कदम हैं, लेकिन इनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संघीय संरचना को मजबूत करने, वित्तीय सुशासन को बढ़ावा देने और आर्थिक समृद्धि को प्राथमिकता देने का प्रयास सराहनीय है, लेकिन अधिकांश योजनाएं अब भी पारंपरिक ढांचे तक सीमित नजर आती हैं।
चेम्बर का निष्कर्ष है कि बजट में सकारात्मक संकेत तो हैं, लेकिन निजी क्षेत्र की अपेक्षाओं के अनुरूप नई ऊर्जा, स्पष्ट नीति और क्रियान्वयन की ठोस रूपरेखा का अभाव महसूस किया गया है।