लोकतंत्र सेनानियों का राष्ट्रीय सम्मेलन 14 जुलाई को दिल्ली में, यूपी से अधिकाधिक भागीदारी की अपील

कांस्टीट्यूशन क्लब में सरकार के दायित्व, सम्मान और सुविधाओं समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज! देशभर के लोकतंत्र सेनानियों (आपातकाल योद्धाओं) का राष्ट्रीय सम्मेलन 14 जुलाई को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित होगा। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के लोकतंत्र सेनानी भाग लेंगे। उत्तर प्रदेश सेनानी संगठन के प्रांतीय प्रवक्ता एवं आनंदनगर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जयप्रकाश लाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में सेनानियों के सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि महराजगंज और गोरखपुर जनपद से भी काफी संख्या में लोकतंत्र सेनानी दिल्ली जाएंगे।

जयप्रकाश लाल ने कहा कि देश की दूसरी आजादी की लड़ाई वर्ष 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में छात्रों और युवाओं ने लड़ी थी। उस आंदोलन ने देश में व्यापक सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ और बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों को मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत जेल भेजा गया। आज उन लोकतंत्र सेनानियों को अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इन विषयों पर सम्मेलन में गंभीरता से चर्चा होगी। 

उन्होंने कहा कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है, इसलिए प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों की भागीदारी इस सम्मेलन में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सभी सेनानियों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान किया। संपूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच की ओर से भी उत्तर प्रदेश सहित देशभर के लोकतंत्र सेनानियों से सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है।

मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यह कार्यक्रम जेपी के आदर्शों पर चलने वाले लोकतंत्र रक्षकों का अपना कार्यक्रम है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन जिलों के सेनानियों से सम्मेलन में पहुंचने का अनुरोध किया गया है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली आसानी से पहुंचा जा सकता है। 

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में “संपूर्ण क्रांति के वाहक एवं आपातकालीन लोकतंत्र रक्षकों के प्रति सरकार का दायित्व” विषय पर विस्तार से चर्चा होगी। 

लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान सुविधाओं और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।

सम्मेलन के लिए डॉ. रामप्रवेश सिंह, डॉ. धर्मवीर शर्मा, केपी सिंह, चन्द्रशेखर सिंह, गिरीश चंद्र सक्सेना, स्वामी देवेन्द्र चैतन्य, डॉ. रमाशंकर सिंह, शंभू सिंह श्रीनेत, अभिराज पाल, श्याम मोहन यादव, राममूर्ति त्रिपाठी, गया प्रसाद सोनकर तथा श्रीमती कुबेर शंकर शुक्ला सहित राष्ट्रीय मंच के कई पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से लोकतंत्र सेनानियों से सहभागिता की अपील की है।

सम्मेलन में इन मुद्दों पर रहेगा फोकस

लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और सुविधाओं पर चर्चा

आपातकाल के लोकतंत्र रक्षकों के प्रति सरकार के दायित्व पर मंथन

जेपी आंदोलन की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की रणनीति 

विभिन्न राज्यों के सेनानियों के बीच समन्वय और संगठन को मजबूत करने पर विचार

प्रांतीय प्रवक्ता जयप्रकाश लाल ने बताया कि महराजगंज और गोरखपुर के लोकतंत्र सेनानी भी सम्मेलन में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अधिकाधिक भागीदारी से सम्मेलन को नई दिशा मिलेगी और लोकतंत्र सेनानियों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।

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