वीरगंज में दुर्गा प्रसाईं की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान, सोमवार को रिहाई की संभावना से समर्थकों में उम्मीद

“मंदिर दर्शन के दौरान गिरफ्तारी धार्मिक अधिकारों पर हमला” — नागरिक बचाउ दल का विरोध तेज, सोमवार को मिल सकती है राहत

मनोज कुमार त्रिपाठी 

नेपाल के पर्सा जिले के वीरगंज में सामाजिक एवं धार्मिक व्यक्तित्व दुर्गा प्रसाईं की गिरफ्तारी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच, सोमवार को उनकी रिहाई की संभावना जताए जाने से समर्थकों और अभियान से जुड़े लोगों में उम्मीद बढ़ गई है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

नागरिक बचाउ दल नेपाल (SCPN) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया है कि दुर्गा प्रसाईं गहवामाई भगवती मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी वीरगंज स्थित होटल दियालो से नेपाल पुलिस ने कथित तौर पर बिना स्पष्ट कारण उन्हें हिरासत में लेकर जिला प्रहरी कार्यालय पर्सा में रखा।

पार्टी ने आरोप लगाया कि दुर्गा प्रसाईं की रिहाई की मांग को लेकर पहुंचे राष्ट्रीय समता पार्टी के अध्यक्ष विजय प्रसाद निषाद, महाअभियान युवा परिषद के अध्यक्ष सुशील बराल, जनकपुर अंचल संयोजक विजय थापा सहित अन्य अभियानकर्मियों को भी पुलिस ने नियंत्रण में लिया, जिस पर संगठन ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है।

नागरिक बचाउ दल का कहना है कि सर्वोच्च अदालत द्वारा पहले ही “सिर्फ बयान के आधार पर गिरफ्तारी न करने” का आदेश जारी होने के बावजूद धार्मिक आस्था से जुड़े मंदिर दर्शन के दौरान गिरफ्तारी नागरिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आज़ादी और धार्मिक अधिकारों पर सीधा हस्तक्षेप है।

इधर, सोमवार को संभावित रिहाई की चर्चाओं ने मामले को और गरमा दिया है। अब सभी की नजर प्रशासनिक फैसले और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *