शिक्षामित्रों की मानदेय बढ़ोतरी के उपलक्ष्य में गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन

हमे संवाद से समाधान की तरफ जाना चाहिए – मुख्यमंत्री 

मनोज कुमार त्रिपाठी 

गोरखपुर! वर्षो से आपकी मांग थी, लेकिन अपनी मांग को,जो स्वतः स्फूर्त भाव से आगे बढ़ती, उसको आप टकराव के साथ लेना चाहते थे। संवाद से समाधान की तरफ हमे जाना चाहिए। 

याद करिये,पिछली सरकारों ने गलत तरीक़े से नियमो का उल्लंघन करते हुए सहायक शिक्षक के रूप में मान्यता देने का कुत्सित प्रयास किया,जो नियम विरुद्ध था, उसके लिए पहले कोई नियमावली बनानी चाहिए थी। प्रावधान नियुक्ति के पहले होना चाहिए था, लेकिन इन सब प्रक्रियाओं को पूरा किये बगैर मनमाने तरह से उन्होंने जो कार्य किया था। सुप्रीम कोर्ट ने बदले में सभी प्रकार के शिक्षामित्रों की सेवाओं को भी समाप्त करने का आदेश दिया था।

हमारे सामने चैलेंज था, कि डेढ़ लाख परिवारों को सड़कों पर भूखे मरने की नौबत आएगी, क्योंकि इन्होंने लंबे समय तक लगभग 18-19 वर्षो से सेवा कर रहे थे, उम्र के इस पड़ाव पर ये कहां जाएंगे!!

हमारे मंत्रिमंडल ने तय किया कि हम इनकी सेवाएं समाप्त न करके इनका सहयोग लेंगे, और उनका साढ़े 3 हजार मानदेय बढाकर 10 हजार करेंगे। यह हमारी सरकार ने 2017 में किया था। 

हम चाहते थे कि समय समय पर इसको कुछ न कुछ बढ़ाएं,लेकिन आप लोगों के बीच मे कुछ चंदा वसूलीबाज़ आ गए थे,जिन्होंने आपका शोषण व दोहन किया।

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