लोकतंत्र में आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं — पूर्व विधायक मुन्ना सिंह
उमेश चन्द्र त्रिपाठी/ मनोज कुमार त्रिपाठी
नौतनवां महराजगंज ! 22 जुलाई 2026! समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार 22 जुलाई को नौतनवां में समाजवादी पार्टी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे पूर्व विधायक कुंवर कौशल उर्फ मुन्ना सिंह के आवास पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हुए।

यहां से सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपने के लिए रवाना हुए।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और उसे बलपूर्वक दबाया नहीं जा सकता।

इस अवसर पर पूर्व विधायक कुंवर कौशल उर्फ मुन्ना सिंह ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। ऐसे समय में छात्रों के समर्थन में पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि सांसद डिंपल यादव आंदोलन स्थल पर छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठीं।
मुन्ना सिंह ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, “बच्चों पर लाठी चलाना किसी भी लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। जनता की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।”

उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़क पर हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय विरोध करने वालों को हिरासत में लेने का रास्ता अपना रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि असहमति की आवाज को दबाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
डिंपल यादव के आंदोलन में सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए मुन्ना सिंह ने कहा कि वह एक जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ एक मां भी हैं और छात्रों के भविष्य की लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में उनका धरने पर बैठना पूरी तरह लोकतांत्रिक है।

पूर्व विधायक ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी फिलहाल लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रही है। यदि इसके बाद भी सरकार जनता और छात्रों की आवाज नहीं सुनती, तो पार्टी गांव-गांव जाकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, “अगर लोकतांत्रिक आवाज को दबाया गया तो जनआंदोलन होगा। सरकार आगाह हो जाए कि यह आक्रोश देहातों तक फैल सकता है।”

प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। इसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।