निधन की खबर से राजनीतिक हल्कों में सनसनी
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने से एक दुखद खबर आई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक-संरक्षक मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन हो गया। वह बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे। प्रतीक के निधन को लेकर अंदेशा जताया जा रहा है कि हार्ट अटैक या ब्रेन हेमरेज से उनकी मौत हो सकती है। हालांकि, मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही होगा। उनकी बॉडी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

खबरों के अनुसार प्रतीक की तबीयत बुधवार तड़के अचानक खराब हो गई। लगातार बिगड़ती स्थिति के बाद सुबह छह बजे उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें देखा और मृत घोषित कर दिया गया। कुछ देर बाद ही उनका शव एंबुलेंस से पोस्मार्टम हाउस भेज दिया गया। प्रतीक की मौत के बाद राजनीतिक हलके में उनके तलाक और अपर्णा के साथ सम्बन्धों की चर्चा जोरों पर चल रही है।उनकी पत्नी अर्पणा यादव मौत की रात दिल्ली में थीं। प्रतीक यादव किचन में अचेत अवस्था में पाए गए थे।

छलका भाई का दर्द, अखिलेश ने जो कहा वो सुनकर नम हो जाएंगी आपकी भी आंखें…
भले ही सामाजिक रूप से सपा मुखिया अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के बीच अनबन दिखती थी, लेकिन दोनों में बैर या कटुता का भाव नहीं था। विभिन्न मतभेदों के बाद जब दोनों एक दूसरे से मिलते थे तो रिश्तों में बहुत ही गर्मजोशी हुआ करती थी। बताते चलें कि अखिलेश यादव मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी के पुत्र हैं। वहीं प्रतीक यादव मुलायम की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे।
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद परिवार के निजी रिश्तों में हमेशा संतुलन बना रहा। यही वजह रही कि जब प्रतीक यादव बीमार हुए, तो अखिलेश स्वयं अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेने गए। गौरतलब है कि प्रतीक यादव पूर्व सपा मुखिया मुलायम सिंह के साथ सैफई जाकर रहा करते थे, वहीं अखिलेख राजधानी में रहकर पार्टी का काम-काज संभालते थे।

फिटनेस प्रेमी प्रतीक राजधानी में अपना एक जिम ‘फिटनेस प्लानेट’ के नाम से संचालित करते थे।
उनके मौत की खबर सुनकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश यादव ने जो कहा, वो पढ़कर किसी की भी आंखें नम हो सकती हैं।
अखिलेश ने कहा कि प्रतीक यादव आज हमारे बीच नहीं रहे, यह अत्यंत दुखद है। वे एक युवा थे और बचपन से ही अपने स्वास्थ्य, जीवन और भविष्य को लेकर आगे बढ़ने की इच्छा रखते थे। वे एक मेहनती और अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे, जो अपने प्रयासों से जीवन में कुछ हासिल करना चाहते थे। उनका असमय निधन बेहद पीड़ादायक है। हम कानून और प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। जो भी कानूनी प्रक्रिया है और परिवार जो निर्णय लेगा, हम उसके अनुसार कार्य करेंगे।
आज की परिस्थितियों को हम बदल नहीं सकते। करीब दो महीने पहले मेरी उनसे मुलाकात हुई थी। उस समय भी मैंने उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की सलाह दी थी।
कई बार वित्तीय या कारोबारी परेशानियों के कारण व्यक्ति मानसिक रूप से प्रभावित हो जाता है, और ऐसे हालात में वह टूट भी सकता है। अब वे हमारे बीच नहीं हैं। परिवार जो भी निर्णय लेगा, हम उसका सम्मान करेंगे।