66वीं वाहिनी एसएसबी ने नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत कैथवलिया उर्फ बरगदही में की पहल, स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज/नौतनवा, 16 सितंबर 2026। सीमावर्ती क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में 66वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, कैंपियरगंज ने महत्वपूर्ण पहल की है। सीमा चौकी हरदीडाली के कार्यक्षेत्र स्थित ग्राम कैथवलिया उर्फ बरगदही के पंचायत भवन परिसर में बुधवार को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया।

शिविर में सीमावर्ती क्षेत्र की चयनित 25 युवतियों एवं महिलाओं को कुशल प्रशिक्षकों द्वारा सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सिलाई से जुड़ी बारीकियों और तकनीकी कौशल से परिचित कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आय का साधन विकसित कर सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र की बेरोजगार युवतियों एवं महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। 21 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को सिलाई के क्षेत्र में व्यावहारिक जानकारी और कौशल प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नौतनवा नगर पालिका अध्यक्ष श्री बृजेश मणि त्रिपाठी उपस्थित रहे। सशस्त्र सीमा बल की ओर से श्री विप्लव दौलागजऊ, द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट, 66वीं वाहिनी, श्री पंचानन महाजन, उप कमांडेंट तथा निरीक्षक (सामान्य) अभिनेष कुमार, समवाय प्रभारी ‘सी’ समवाय हरदीडाली सहित बल के कार्मिक मौजूद रहे।
स्थानीय स्तर पर ग्राम कैथवलिया उर्फ बरगदही के ग्राम प्रधान श्री दिलीप कुमार गौतम, ग्राम खनुआ की ग्राम प्रधान श्रीमती आशा देवी, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार जायसवाल, प्रभारी पुलिस चौकी खनुआ सहित ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। स्वयंसेवी संस्था की ओर से श्रीमती पुष्पा चौधरी, श्रीमती अनुराधा एवं श्रीमती माधुरी ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण व्यवस्था में प्रेरणा फाउंडेशन सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की ओर से श्री संजय श्रीवास्तव एवं श्रीमती बेबी चौधरी की भी भूमिका रही। कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्रामीणों तथा पत्रकार बंधुओं की मौजूदगी रही। शिविर के शुभारंभ से सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं को कौशल विकास के साथ स्वरोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।


