सहायक आयुक्त सीमा शुल्क सुधीर त्यागी बोले—वर्दी डराने के लिए नहीं, लोगों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए है; युवाओं के योगदान से बनेगा विकसित भारत
मनोज कुमार त्रिपाठी/उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली, महराजगंज। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, सेवा और आपसी भाईचारे के रंग में रंगी नजर आई। सोनौली लैंड कस्टम कार्यालय, सोनौली कोतवाली, सोनौली पुलिस चौकी और एसएसबी सोनौली मेन गेट परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान तिरंगा फहराया गया, राष्ट्रगान हुआ और देश के अमर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
सोनौली कोतवाली में महेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित हुआ। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई और राष्ट्रगान के साथ वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। पुलिसकर्मियों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर रहा।

भारत-नेपाल सीमा पर दिखी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के बीच भी सौहार्द और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। भारतीय अधिकारियों एवं सुरक्षा जवानों ने नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल के जवानों को मिठाई खिलाकर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
सीमा पर दोनों देशों के सुरक्षा कर्मियों के बीच दिखाई दी यह आत्मीयता भारत-नेपाल के मजबूत मैत्रीपूर्ण संबंधों, आपसी विश्वास और बेहतर समन्वय का संदेश देती नजर आई।

सीमा शुल्क कार्यालय में भी दिखा राष्ट्रभक्ति का उत्साह
सोनौली कस्टम कार्यालय में आयोजित समारोह में सहायक आयुक्त सीमा शुल्क सुधीर त्यागी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने और उनके संघर्ष से प्रेरणा लेने का अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
उन्होंने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। आज का युवा देश को नई दिशा और नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
‘आजादी हमें विरासत में मिली, इसे संभालना हमारी जिम्मेदारी’
सुधीर त्यागी ने कहा कि अंग्रेजों के लंबे शासन के बाद देशवासियों के संघर्ष और बलिदान से 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ। स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए आजादी की लड़ाई लड़ी।
उन्होंने कहा कि उन वीर सपूतों को सरकार से किसी वेतन या व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा नहीं थी। उनके भीतर गुलामी के खिलाफ संघर्ष करने का जज्बा था। उन्हीं के त्याग और बलिदान की बदौलत आज हम स्वतंत्र भारत में रह रहे हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की प्रगति में ईमानदारी और निष्ठा से अपना योगदान दे।

‘देश की अर्थव्यवस्था में हर नागरिक का योगदान’
सहायक आयुक्त ने सीमा शुल्क एवं अन्य राजस्व विभागों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि GST, Customs और Income Tax जैसे विभाग देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। जनता द्वारा कर के रूप में दिया गया पैसा देश के विकास कार्यों में इस्तेमाल होता है।
उन्होंने कहा कि सड़कें, संस्थान, मेडिकल कॉलेज, आधारभूत ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था सहित अनेक विकास कार्यों के पीछे देश की जनता के योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका है। सीमा पर तैनात जवानों से लेकर वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और इंजीनियरों तक हर व्यक्ति देश निर्माण में अपना योगदान दे रहा है।
‘वर्दी का मतलब डर नहीं, सुरक्षा का भरोसा’
सुधीर त्यागी ने अपने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से लोगों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान का हकदार है और अधिकारियों का व्यवहार उच्च कोटि का होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “वर्दी लोगों को डराने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित महसूस कराने के लिए है।”
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति किसी समस्या या जानकारी के लिए विभाग में आए, उसे कानून की जानकारी देना और उसकी समस्या के समाधान का प्रयास करना विभागीय जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बहुत से लोग कस्टम के नियमों से पूरी तरह परिचित नहीं होते। ऐसे लोगों को यह समझाना आवश्यक है कि कौन सा सामान भारत से ले जाया जा सकता है, कौन सा सामान प्रतिबंधित है और कानून क्या कहता है। कानून की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करना विभाग का महत्वपूर्ण दायित्व है।
नेपाल के नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार का संदेश
भारत-नेपाल संबंधों का उल्लेख करते हुए सुधीर त्यागी ने कहा कि नेपाल भारत का पड़ोसी देश है और दोनों देशों के रिश्ते बेहद मजबूत हैं। सीमा पार से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को नेपाल के कानूनों का सम्मान करने तथा सीमा पर कार्यरत सभी एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पुलिस, एसएसबी, इमिग्रेशन, कस्टम सहित सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सीमा व्यवस्था को मजबूत करता है।
‘धर्म से ऊपर उठकर देश के लिए सोचें’
सुधीर त्यागी ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में हर धर्म और वर्ग के लोगों का योगदान रहा है। इसलिए आज जरूरत है कि सभी लोग आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर देश के विकास और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईमानदारी एवं निष्ठा से काम करें।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे और समाज एवं देश की भलाई में अपना योगदान देंगे।
कार्यक्रम के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से वातावरण देशभक्ति से भर गया। वीर सपूतों के सम्मान में भी जोरदार जयघोष हुआ।
विभाग से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी के योगदान को सराहा
सहायक आयुक्त सुधीर त्यागी ने सीमा शुल्क विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों, वाहन चालकों और विभाग से जुड़े अन्य सहयोगियों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता में प्रत्येक कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों का भी आभार व्यक्त किया और निष्पक्ष पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित किया।
सोनौली सीमा पर मनाया गया यह स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास रहा। एक ओर तिरंगे की शान में पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति से सराबोर रहा, वहीं दूसरी ओर भारतीय और नेपाली सुरक्षा बलों के बीच मिठाई बांटकर आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया गया। सोनौली कोतवाली में महेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम की सहभागिता और कस्टम कार्यालय में सहायक आयुक्त सुधीर त्यागी के संदेश ने समारोह को और प्रभावशाली बना दिया।
भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा से निकली यह तस्वीर देशभक्ति के साथ-साथ सुरक्षा, सेवा, सम्मान, सहयोग और दोनों पड़ोसी देशों के मजबूत संबंधों का संदेश देती नजर आई।
ये अधिकारी एवं जवान रहे मौजूद
इस अवसर पर कस्टम अधीक्षक संजय मिश्रा, सुधीर कुमार, सुशील कुमार, जगत सिंह राणा, नीरज कुमार राय तथा निरीक्षक जितेन्द्र पांडेय, गौरव पांडेय, विकास रंजन चौरसिया, विवेक कुमार सिंह, कुमार गौतम, अतुलेश कुमार गिरी, देवनाथ यादव, राम जियावन भारती, हवलदार सुबोध चौबे, पंकज कुमार श्रीवास्तव, ऐनुल हसन, प्रदीप कुमार वर्मा, प्रदुम्न कुमार राय और शिवांश त्रिपाठी मौजूद रहे।
नेपाल की ओर से एपीएफ के डीएसपी गोपी कृष्ण भट्टराई, भारतीय सीमा से सटे नेपाल के बेलहिया के निरीक्षक हरी राम डांगी, सशस्त्र सीमा बल 22वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट संदीप सिंह और निवर्तमान कस्टम अधीक्षक जलज मालवीय सोनौली पुलिस चौकी प्रभारी उमाकांत सरोज समेत बड़ी संख्या में पुलिस एवं एसएसबी के जवान मौजूद रहे।








