20 साल बाद लौटे अमरमणि त्रिपाठी का मंच से बड़ा सियासी संदेश, बोले—‘क्या हम आपको कमजोर दिखाई देते हैं?’

हम जैसे थे वैसे ही हैं और आगे भी रहेंगे – अमर मणि 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

नौतनवां महराजगंज। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से दिए अपने संबोधन के दौरान अपने लंबे राजनीतिक संघर्ष और विरोधियों को लेकर तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने काफी यातना और तकलीफें झेली हैं, लेकिन इससे उनकी ताकत कम नहीं हुई।

अमरमणि त्रिपाठी ने कहा, “हम 20 साल के बाद आए हैं आपके बीच में। बड़ी यातना, बहुत तकलीफ सहने के बाद आए हैं। लेकिन कोई भी यातना, कोई भी प्रताड़ना मजबूत आदमी के लिए नहीं होती है।” इसके बाद उन्होंने समर्थकों से सवाल किया—“हम इतने दिन बाद आए हैं तो क्या आपको कमजोर दिखाई देते हैं?”

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वे जैसे पहले थे, वैसे ही आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से विरोधियों को परास्त करने का आह्वान किया और अमन को क्षेत्र का विधायक बनाने की बात कही। उनके इस बयान को आगामी क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंच से अमरमणि त्रिपाठी ने शेरो-शायरी के जरिए भी समर्थकों में जोश भरने की कोशिश की। उन्होंने कहा-

“अब हवाएं ही करेंगी रोशनी का फैसला,

जिस दिए में जान होगी, वही दिया रह जाएगा।”

उनके इस संबोधन के दौरान समर्थकों में उत्साह नजर आया और मंच के आसपास नारेबाजी भी हुई। अमरमणि के बयान ने क्षेत्र की सियासत में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। अब उनके इस तेवर और विरोधियों को लेकर दिए गए संदेश का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा।

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