उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग के भीतर एक बड़ी कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। गौतमपल्ली थाने में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरे थाने के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रत्नेश कुमार सिंह सहित सभी पुलिसकर्मी शामिल हैं।
यह मामला न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि कानून व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी गंभीर चिंता उत्पन्न करता है।
सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले एक व्यक्ति को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर गौतमपल्ली थाने लाया गया था। आरोप है कि इस व्यक्ति से करीब ढाई लाख रुपये की वसूली की गई। मामला सामने आने के बाद इसे बेहद गंभीरता से लिया गया और इसकी जांच सीधे पुलिस कमिश्नर (सीपी) स्तर से कराई गई।
जांच के दौरान कई तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि वसूली के आरोप निराधार नहीं थे, बल्कि उनमें सच्चाई पाई गई।
इसके बाद उच्चाधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे थाने के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया
कार्रवाई के तहत गौतमपल्ली थाने के प्रभारी निरीक्षक रत्नेश कुमार सिंह को भी लाइन हाजिर किया गया है। उनके अलावा थाने में तैनात सभी सिपाहियों और अन्य पुलिसकर्मियों को भी इस कार्रवाई की जद में लिया गया है। इस तरह की सामूहिक कार्रवाई पुलिस विभाग में बेहद कम देखने को मिलती है, जिससे इस मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। लाइन हाजिर किए जाने का मतलब है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन में तैनात कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।