मनोज कुमार त्रिपाठी
भैरहवा (रूपन्देही)। रूपन्देही पुलिस ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी (जुआ) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न स्थानों से कुल 20 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह भारत के कई राज्यों तक फैला हुआ था और तिलोत्तमा नगरपालिका के अलग-अलग ठिकानों से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस की बड़ी छापेमारी
जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी एवं डीएसपी कृष्ण कुमार चंद के अनुसार पुलिस की विशेष टीमों ने तिलोत्तमा नगरपालिका के अलग-अलग वार्डों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है, जो उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।
तिलोत्तमा-7 से 9 भारतीय नागरिक गिरफ्तार
पुलिस ने चैत्र 19 को तिलोत्तमा नगरपालिका-7 में छापेमारी कर 9 भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया। इनके पास से निम्न सामग्री बरामद हुई:
3 लैपटॉप
20 मोबाइल फोन
5 खाता रजिस्टर/दस्तावेज
गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम (तिलोत्तमा-7):
प्रदीप गुप्ता (बलिया, यूपी), पवन कुमार (गोंडा, यूपी), सतीश कुमार (बलिया, यूपी), मनु कुमार सोनी (सिवान, बिहार), अमर कुमार (सिवान, बिहार), नर सिंह (गोंडा), राम असिस सिंह (गोंडा), सुदीप तो माझी (नदिया, पश्चिम बंगाल) और अभिषेक ठाकुर (बलिया, यूपी)।
तिलोत्तमा-15 (कोटिहावा) से 11 अन्य गिरफ्तार
इससे पहले चैत्र 10 को पुलिस ने तिलोत्तमा-15 के कोटिहावा क्षेत्र से 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस समूह में कुछ स्थानीय नेपाली नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने यहां से भारी मात्रा में बैंकिंग सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए:
23 बंडल भारतीय बैंक चेकबुक
25 एटीएम कार्ड
नकद 91,725 रुपये
1 भारतीय पासपोर्ट (अन्य पहचान पत्रों की जांच जारी)
6 लैपटॉप, 21 मोबाइल फोन
3 पेन ड्राइव और 1 राउटर
गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम (कोटिहावा):
संदीप कुमार (जगदीशपुर), एम.डी. हकीम (हैदराबाद), सतेंद्र सिंह (गोरखपुर), श्याम सुंदर (रतनपुर), दीपक पांडे (गाजीपुर), रियाज अहमद (कानपुर), प्रदीप कुमार (भारत), तनु कुमारी (दिल्ली), राखी झा (दिल्ली), अकलेश कुमार यादव (रूपन्देही) और सीमा राणा (सुखर्वा)।
आगे की कार्रवाई
डीएसपी कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है तथा यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह के तार और किन-किन स्थानों तक जुड़े हुए हैं।
रूपन्देही पुलिस की इस कार्रवाई को ऑनलाइन जुआ-सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।