गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन सभागार में बाबा साहब की 135 वीं जयंती मनाई गई   

बाबासाहेब आंबेडकर व्यक्ति नहीं एक संस्था थे – रत्नाकर

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

गोरखपुर! बाबा साहब एक व्यक्ति नहीं एक सम्पूर्ण संस्था थे। जिन्होंने न केवल हम भारतवासियों को संविधान की छत्रछाया दी, वरन तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटा कर एक समृद्ध समाज बनाने की दिशा भी दिया।

यह विचार गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने आज व्यक्त किया। वे संस्था के कैंप कार्यालय में आयोजित बाबा साहब की 135 वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व उपस्थित पत्रकारों ने बाबा साहब को पुष्पांजलि अर्पित किया तथा उनके आदर्श और दिखाए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

श्री सिंह ने कहा कि डॉ. भीमराव राव अंबेडकर जी भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार, एक प्रखर समाज सुधारक, शिक्षाविद और अर्थशास्त्री थे। उन्हें “बाबासाहेब” के नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ है आदरणीय पिता ।  1925 में उन्होंने पहली बार रिजर्व बैंक आफ इंडिया की परिकल्पना की और उन्हीं के प्रयासों से 1935 में भारत में रिजर्व बैंक का सपना साकार हुआ।

वरिष्ठ पत्रकार उदय प्रकाश पांडे ने कहा उनका जन्म मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्होंने सामाजिक भेदभाव और छुआछूत का सामना किया। प्रेस क्लब अध्यक्ष अंकज द्विवेदी ने कहा कि तमाम विसंगतियों के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और कोलंबिया विश्वविद्यालय व लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधियां हासिल की। प्रेस क्लब महामंत्री वहाब खान ने कहा स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में, उन्होंने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें ‘भारतीय संविधान का जनक’ कहा जाता है।

राधेश्याम प्रजापति ने कहा कि उन्होंने दलितों, शोषितों, महिलाओं और श्रमिकों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समानता, स्वतंत्रता व बंधुता के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया। सत्येंद्र शर्मा और मोहम्मद यूसुफ ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा, संगठित होना और संघर्ष करना ही शोषित वर्ग की मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने 1956 में बौद्ध धर्म अपना लिया।

वरिष्ठ पत्रकार अजीत यादव ने कहा कि  उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। डा . अंबेडकर का जीवन संघर्ष और सामाजिक न्याय के लिए अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस अवसर पर पंचानन पांडे, अमन मिश्रा, जय प्रकाश प्रजापति, आकाश सिंह, प्रवीण मद्धेशिया, ओंकार सिंह, अजय गुप्ता, तनवीर आलम, सद्दाम, अहमद अजीज फ्रेजर और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे। अंत में 2 मिनट का मौन रखकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *