उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! नेपाल में नई सरकार आने के बाद कुछ बड़े फैसले लिए जा रहे हैं, जिनका असर भारत-नेपाल सीमा पर साफ दिखने लगा है। बालेन शाह के नेतृत्व में नेपाल सरकार ने सीमा पार से आने वाले सामानों पर सख्ती बढ़ा दी है।
अब नियम यह है कि अगर कोई भी सामान 100 रुपये से ज्यादा कीमत का है और वह भारत से नेपाल या नेपाल से भारत ले जाया जा रहा है, तो उस पर सीमा शुल्क (भंसार) देना होगा। यह टैक्स 5% से लेकर 80% तक हो सकता है, और इसके ऊपर 13% वैट भी लगेगा।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ा है, जो सालों से बिना ज्यादा रोक-टोक के सीमा पार कारोबार करते थे। खासकर बिहार और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में हलचल मच गई है, क्योंकि वहां के व्यापारी काफी हद तक नेपाल के ग्राहकों पर निर्भर रहते हैं।
नेपाल की सीमा पर सख्ती इतनी बढ़ गई है कि पुलिस ने लाखों रुपये का सामान जब्त भी कर लिया है। साथ ही माइक से ऐलान किया जा रहा है कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई होगी।
इसका असर सिर्फ भारतीय व्यापारियों पर ही नहीं, बल्कि नेपाल के आम लोगों पर भी पड़ेगा। उन्हें अब दवाइयों, कपड़ों, खाने-पीने की चीजों और अन्य जरूरी सामान के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे, क्योंकि पहले ये चीजें भारत से सस्ती मिल जाती थीं।
कुल मिलाकर, नेपाल सरकार का यह कदम अपने देश के उद्योग और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, लेकिन इससे दोनों देशों के सीमावर्ती लोगों और व्यापार पर असर पड़ रहा है।