200 मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र से घसीट ले गई युवक को नेपाल पुलिस, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज! भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर पर एक चौंकाने वाली घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और संप्रभुता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि पड़ोसी देश नेपाल से भागकर भारतीय सीमा में घुसे एक संदिग्ध युवक को नेपाल पुलिस ने करीब 200 मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में घुसकर पकड़ लिया और उसे घसीटते हुए वापस नेपाल ले गई। यह घटना मानवता को शर्मशार कर देने वाली है।
हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस और सुरक्षा कर्मी मूकदर्शक बने रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेपाल पुलिस के जवान खुलेआम भारतीय सीमा में दाखिल हुए और बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के युवक को जबरन अपने साथ घसीटते हुए ले गए, जिससे भारतीय कानून और सीमा की गरिमा पर सीधा सवाल खड़ा हो गया है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर सीमा की सुरक्षा में तैनात एजेंसियां उस वक्त क्या कर रही थीं, जब नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल के जवान दिन दहाड़े भारतीय क्षेत्र में घुस कर इस घटना को अंजाम दिया। इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सीमा सुरक्षा की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
यह घटना न सिर्फ सीमा सुरक्षा की भारी चूक का उदाहरण है, बल्कि भारत-नेपाल संबंधों के संवेदनशील पहलुओं को भी उजागर करती है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष सोनौली महेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
कमांडेंट शक्ति सिंह का बयान
इस संबंध में 22वीं वाहिनी के कमांडेंट शक्ति सिंह ने कहा कि यह घटना अपराधी को रोकने के प्रयास में अनजाने में हुई गलती है। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्ष ने अपनी भूल स्वीकार करते हुए खेद व्यक्त किया है।
एसपी भैरहवा जनक बहादुर शाही ने भी दिए जांच के संकेत
वहीं भैरहवा के एसपी जनक बहादुर कार्की से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है और मामले की जांच कराई जाएगी।
अब देखना यह होगा कि इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई होती है और क्या जिम्मेदारों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।