उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू! सरकार पठाओ, इनड्राइवर जैसे राइड-शेयरिंग और हाइलिंग सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को नियंत्रित करने के लिए कड़े मानक लागू करने की तैयारी कर रही है। भौतिक पूर्वाधार एवं परिवहन मंत्रालय के मसौदे के अनुसार अब निर्माण तिथि से 15 वर्ष पूरे कर चुके किसी भी दोपहिया या चारपहिया वाहन को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों को ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के लिए सभी वाहनों में अनिवार्य रूप से जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और पुलिस से संपर्क करने वाला आपातकालीन बटन लगाना जरूरी होगा। वहीं मोटरसाइकिल पर चालक और यात्री दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है।
इसी तरह, चालक बनने के लिए न्यूनतम 18 वर्ष की आयु और कम से कम 1 वर्ष पुराना ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी होगा। किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले, अस्वस्थ या नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्ति को चालक के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा।
सेवा प्रदाता कंपनियों को अपने चालकों का अनिवार्य जीवन बीमा कराने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा कोष में भी शामिल करना होगा।