नेपाल पुलिस ने कोई अनुमति नहीं ली थी
सोनौली बार्डर पर हुई घटना की जांच कराई जाएगी- जनक बहादुर कार्की एसपी रूपंदेही नेपाल
नेपाल में नेपाल पुलिस द्वारा भारतीय पुलिस और सुरक्षा जवानों के साथ बीते वर्षों में कई बार बदसलूकी की गई
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज ! हां ऐसी घटनाएं हुई हैं जब भारतीय पुलिस कर्मियों को नेपाल पुलिस द्वारा नेपाल सीमा के अंदर हिरासत में लिया गया और और उन्हें गिरफ्तार कर उनके साथ बदसलूकी की गई। सबसे प्रमुख घटना अप्रैल 2016 की है, और हाल ही में जून 2025 में भी ऐसी एक घटना सामने आई है।
जून 2025 नेपाल पुलिस ने काठमांडू में तीन भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया, जिसमें हैदराबाद पुलिस के एक डिप्टी सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) भी शामिल थे। ये लोग एक आरोपी को पकड़ने के लिए बिना अनुमति के नेपाल में घुस गए थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर बाद में भारतीय दूतावास को सौंप दिया गया।

फरवरी/मार्च 2025 को
पंजाब पुलिस का एक दस्ता भी नेपाल में बिना अनुमति के ऑपरेशन चलाने की कोशिश में नेपाल पुलिस द्वारा रोका गया था, जिसके बाद भारत के गृह मंत्रालय ने राज्यों को सतर्क किया था।
अप्रैल 2016 में नेपाल के डोटी जिले से 5 भारतीय पुलिसकर्मियों (जिनमें एक इंस्पेक्टर भी शामिल था) को नेपाल पुलिस ने अवैध रूप से सीमा पार करने और हथियार लेकर घुसने के आरोप में पकड़ा था।
जून 2017 में नेपाल पुलिस ने भारत के DSP नागराज के नेतृत्व वाली एक टीम को तब हिरासत में लिया जब वे एक नेपाली व्यक्ति को नेपाल से भारतीय सीमा में ले जा रहे थे। बाद में उन्हें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया था।
मुख्य कारण इन सभी मामलों में, भारतीय पुलिसकर्मी बिना आधिकारिक प्रक्रिया का पालन किए, नेपाली नागरिकों को पकड़ने के लिए नेपाल की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं, जिसे नेपाल संप्रभुता का उल्लंघन मानता है।
पुलिस के एक निरीक्षक सहित पांच भारतीय पुलिसकर्मियों को बीते दिनों नेपाल में गिरफ्तार किया गया। मीडिया में आयी खबर के अनुसार उन्होंने एक अपराधी की खोज को लेकर नेपाल में प्रवेश किया था। पांचों को नेपाल पुलिस ने सनागांव से गिरफ्तार किया।
नेपाल की ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, सादे कपड़ों वाले इन पुलिसकर्मियों के पास हथियार थे। खबर के मुताबिक, पंजाब में एक डॉक्टर की हत्या के आरोपी की खोज में पांचों अच्छाम की ओर जा रहे थे, उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया।
उनके पास से एक एके-47 राइफल, उसकी 25 गोलियां, एक पिस्तौल और उसकी 12 गोलियां मिल हैं।
नवंबर 2015 में 13 एसएसबी जवान तस्करों का पीछा करते हुए अनजाने में नेपाल की सीमा में घुस गए थे, जिन्हें नेपाल पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया था।
नेपाल में ऐसी अनगिनत घटनाएं हुई हैं जब नेपाल पुलिस ने भारतीय पुलिस और सुरक्षा जवानों के साथ बदसलूकी की है।
बुधवार 22 अप्रैल 2026 को सोनौली बार्डर पर नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल के दो जवानों ने भारतीय सीमा में घुस कर जो बर्बरता की है और दिन दहाड़े तांडव मचाया क्या उन्हें गिरफ्तार नहीं करना चाहिए था पर ऐसा नहीं हुआ और वे अपने मिशन में कामयाब हो गए। इस तरह की घटनाओं का होना सीमाई पुलिस और एसएसबी के लिए कितनी शर्मनाक बात है। क्या यह भारतीय संप्रभुता का उलंघन नहीं है।
हालांकि एसएसबी 22 वाहिनी के कमांडेंट शक्ति सिंह ने अपने बयान में कहा कि यह घटना अपराधी को रोकने के प्रयास में अनजाने में हुई गलती है। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्ष ने अपनी भूल स्वीकार करते हुए खेद व्यक्त किया है।
वहीं भैरहवा के एसपी जनक बहादुर कार्की से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है और मामले की जांच कराई जाएगी।
अब देखना यह होगा कि इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई होती है और क्या जिम्मेदारों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।