सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा करते मुख्य विकास अधिकारी
मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज! बीते 24 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी, महेंद्र कुमार सिंह द्वारा की गई। बैठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) भूपेंद्र मिश्रा द्वारा किया गया, जिनके द्वारा स्वागत भाषण एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रतिनिधि जितेन्द्र मोरे, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक हिमांशु, जिला उद्योग केंद्र (DIC) के उपायुक्त, NRLM के उपायुक्त, DDO भोला नाथ कन्नौजिया, विभिन्न बैंकों के समन्वय प्रबंधक (Credit) तथा SBI RBO-4 गोरखपुर सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित रहे।
बैठक में प्रस्तुत एजेंडा के अनुसार जनपद की बैंकिंग स्थिति, वार्षिक ऋण योजना 2025-26 की प्रगति, किसान क्रेडिट कार्ड (फसल, पशुपालन एवं मत्स्य), सरकारी प्रायोजित योजनाओं, NRLM, PM SVANidhi, PM Mudra, PM Surya Ghar योजना तथा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जनपद में मार्च 2026 तक कुल जमा राशि ₹9513.75 करोड़ व कुल ऋण ₹6631.18 करोड़ दर्ज किया गया, जिसमें प्राथमिकता क्षेत्र में ₹4136.61 करोड़ का ऋण वितरण किया गया तथा CD Ratio 69.70% रहा, जो मानक से अधिक है।
वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत कुल उपलब्धि 77.05% रही, जिसमें कृषि क्षेत्र में 86.34%, MSME में 61.89% एवं अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम प्रगति पाई गई।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत लक्ष्य के सापेक्ष 119.21% उपलब्धि प्राप्त की गई, जबकि पशुपालन में 273.95% उपलब्धि दर्ज की गई। वहीं मत्स्य क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम प्रगति पर चिंता व्यक्त की गई।
सरकारी योजनाओं की समीक्षा में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं CM YUVA योजना में 100% से अधिक उपलब्धि प्राप्त की गई। NRLM के अंतर्गत 5684 समूहों को क्रेडिट लिंकिंग प्रदान की गई, जो लक्ष्य का 130.12% है।
बैठक में NPA स्तर में वृद्धि (₹337.78 करोड़) तथा वसूली की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की गई तथा संबंधित विभागों को समन्वय के साथ वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष महोदय द्वारा सभी बैंकों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें, विशेषकर NRLM, PM SVANidhi एवं अन्य योजनाओं में पेंडेंसी कम करें तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दें।
अंत में सभी विभागों एवं बैंकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद की रैंकिंग सुधारने एवं निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।