उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज! नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद भारत से नेपाल जाने वाले सामानों पर नियम सख्त कर दिए गए हैं। मंगलवार से शुरू हुए इस नियम में अब बिना अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अंकित सामानों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इस नियम का असर सीमावर्ती क्षेत्र में साफ देखने को मिल रहा है।
सोनौली-बेलहिया बॉर्डर स्थित भैरहवा भंसार कार्यालय पर पिछले दो दिनों से सैकड़ों ट्रक बिना एमआरपी वाले सामान के साथ खड़े हैं। ट्रक चालकों, व्यापारियों और निर्यातकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत से नेपाल भेजे जाने वाले सभी उपभोक्ता वस्तुओं पर एमआरपी का स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य कर दिया गया है।
यदि किसी माल पर एमआरपी दर्ज नहीं है, तो नेपाल कस्टम उसे पास नहीं करेगा। व्यापारियों का कहना है कि पहले इस तरह की कोई अनिवार्यता नहीं थी, जिसके चलते बड़ी मात्रा में माल बिना एमआरपी के ही नेपाल भेजा जाता था। नए नियम के चलते न सिर्फ माल अटका हुआ है, बल्कि आर्थिक नुकसान की भी आशंका बढ़ गई है।
इस संबंध में सहायक प्रमुख जिलाधिकारी एवं सूचना सूचनाधिकारी मेघनाथ उपाध्याय ने बताया कि नेपाल सरकार द्वारा अनुमोदित 100 एजेंडा के बिंदु संख्या 83 के तहत एमआरपी और आयात विनियमन कानूनों को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारियों और सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे प्रचलित अधिनियमों के अनुसार सभी उपभोक्ता वस्तुओं पर अनिवार्य रूप से एमआरपी अंकित करें, ताकि व्यापार में किसी प्रकार की बाधा न आए।