अखिलेश यादव पर टिप्पणी का विरोध: सपा नेता अमित चौबे बोले—राजनीति की गरिमा के खिलाफ है बयान
राहुल सिंह
महराजगंज। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी के विरोध में महराजगंज जिले में सपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मंत्री ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा के वरिष्ठ नेता अमित चौबे के नेतृत्व में प्रतीकात्मक रूप से मंत्री की शव यात्रा निकाली गई और प्रतीकात्मक चिता जलाकर विरोध दर्ज कराया गया।
यह विरोध प्रदर्शन बृजमनगंज थाना क्षेत्र के करमहा गांव में आयोजित किया गया, जहां सैकड़ों की संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने घंटी बजाई, “राम-राम सत्य है” का जाप किया और “राम राम सत्य है, सबकी यही गति है” जैसे नारों के साथ मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई।
सपा नेता अमित चौबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने हाल ही में अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “हम चार लोग मिलकर उन्हें घाट पर पहुंचा देंगे।” इस बयान को चौबे ने एक राजनेता के लिए अशोभनीय बताते हुए कहा कि यह राजनीति की मर्यादा और लोकतांत्रिक भाषा के खिलाफ है।
सपाइयों ने प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया। घाट पर पहुंचकर चिता को आग लगाई गई और “आत्मा की शांति” के लिए प्रार्थना भी की गई। इस दौरान कार्यकर्ता लगातार घंटी बजाते रहे।
“योगी के दो बंदर हैं”—अमित चौबे का तंज
प्रदर्शन के दौरान सपा नेता अमित चौबे ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी के दो “बंदर” हैं—एक “रात भर” और दूसरा “दिन भर।” उन्होंने मंत्री ओमप्रकाश राजभर को “रात भर” और मंत्री संजय निषाद को “दिन भर” बताते हुए कटाक्ष किया।
इस प्रतीकात्मक शव यात्रा में अशोक यादव लगातार घंटी बजाते हुए शामिल रहे। वहीं अन्य कार्यकर्ता मुकेश मौर्य, सोनू यादव और गोपाल चौधरी सहित बड़ी संख्या में सपाई मौजूद रहे।
सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि नेताओं पर इस तरह की भाषा का प्रयोग बंद नहीं हुआ, तो पार्टी आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।