उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नौतनवां आगमन से ठीक पहले वरिष्ठ अधिवक्ता नागेंद्र शुक्ला को देर रात पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किया जाना भाजपा सरकार की तानाशाही मानसिकता को उजागर करता है। उक्त बातें कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ही पुलिस के बल पर दबाने का प्रयास किया जाता है।
भाजपा सरकार लोकतंत्र की नहीं बल्कि डर और दमन की राजनीति कर रही है। जो भी व्यक्ति जनता की समस्याओं को उठाता है या सरकारी भ्रष्टाचार पर सवाल करता है, उसके खिलाफ प्रशासन को आगे कर दिया जाता है।
जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि नौतनवां तहसील के उपनिबंधक कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा आम जनता के शोषण के खिलाफ चल रहे आंदोलन से भाजपा सरकार बौखला गई है। यही कारण है कि अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं दिया गया। सरकार को डर है कि यदि सच्चाई मुख्यमंत्री तक पहुंच गई तो उनके भ्रष्ट तंत्र की पोल खुल जाएगी।
उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” अब विकास नहीं बल्कि विरोध की आवाज कुचलने का इंजन बन चुकी है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले लोगों को रात में घरों में कैद किया जा रहा है।
श्री सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और भ्रष्टाचार से जनता पहले ही परेशान है। अब लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर भाजपा सरकार अपनी बची-खुची साख भी खोती जा रही है। जनता सब देख रही है और आने वाले 2027 के चुनाव में भाजपा को इसका जवाब मिलेगा।