“कानून के नाम पर डराने की कोशिश हुई तो होगा चरणबद्ध आंदोलन” — खिमनारायण पराजुली
मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू। नेपाल उद्योग व्यापार महासंघ ने सरकार द्वारा लागू की गई एमआरपी (Maximum Retail Price) व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान देते हुए व्यापारियों पर हो रही कार्रवाई और धरपकड़ पर कड़ा विरोध जताया है। महासंघ ने सरकार से तत्काल संवाद के माध्यम से समस्या समाधान करने तथा व्यवसायियों को आतंकित करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
रविवार को काठमांडू में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में महासंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष खिमनारायण पराजुली ने कहा कि सरकार के सकारात्मक कदमों का समर्थन किया जाएगा, लेकिन व्यवसायियों को अनावश्यक रूप से परेशान करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कानून से ऊपर उठकर उद्योगी और व्यापारियों को डराने का प्रयास किया गया तो महासंघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।
पराजुली ने कहा कि बाजार में पारदर्शिता और अनियमितता रोकने के उद्देश्य से लाई गई एमआरपी व्यवस्था स्वागतयोग्य है, लेकिन इसका कार्यान्वयन व्यवहारिक, सरल और व्यवसायी–हितैषी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे और मझौले व्यापारियों की वास्तविक स्थिति, कर प्रणाली, भंसार प्रक्रिया और वितरण तंत्र को ध्यान में रखे बिना कठोर कार्रवाई करना उचित नहीं है।
महासंघ ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि एमआरपी व्यवस्था लागू करने से पहले उद्योगी–व्यवसायियों के साथ व्यापक परामर्श किया जाए, कर एवं बिलिंग प्रणाली को सरल बनाया जाए तथा डिजिटल मूल्य प्रणाली और क्यूआर–बारकोड व्यवस्था को विकसित किया जाए। साथ ही स्वदेशी उद्योगों को विशेष सहूलियत देने की भी मांग की गई।
पत्रकार सम्मेलन में महासंघ के महासचिव सूर्य थापा ने कहा कि महासंघ साना तथा मझौला उद्योगी–व्यवसायियों के अधिकार और हितों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा।
इसके अलावा महासंघ ने शैक्षिक परामर्श फर्मों पर सरकार की छापेमारी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। महासंघ का कहना है कि अवैध रूप से संचालित संस्थानों को पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाना चाहिए, उसके बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए।