लखनऊ नशीला इंजेक्शन लगाकर मरीज से दुष्कर्म, डॉक्टर निलंबित, डिप्टी सीएम ने दिए अस्पताल सील करने के निर्देश

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

लखनऊ! लखनऊ के एक निजी अस्पताल में नशीला इंजेक्शन लगाकर मरीज से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस घटना को संज्ञान में लेते हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने डाक्टर को निलंबित कर अस्पताल को सील करने का निर्देश दिया है। घटना के संबंध में पीड़िता ने बताया कि बुधवार की दोपहर उसकी नाक में आक्सीजन के लिए पाइप डालने के लिए डॉक्टर उसे ओटी में ले गए। इसके पहले कलाई में लगी वीगो से उसे एक इजेक्शन दे दिया गया।

बृजेश पाठक ने कहा है कि तेजस हॉस्पिटल में 12 वीं की छात्रा से दुष्कर्म के मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को सील करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्पताल संचालक आरोपी डॉ. विजय गिरी का चिकित्सकीय लाइसेंस तत्काल निलंबित करने और उनकी आयुर्वेदिक डिग्री जब्त करने के लिए आयुर्वेदिक विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आरोपी भविष्य में किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय जिम्मेदारी न निभा सके। बृजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित छात्रा और उसके परिवार के साथ खड़ी है तथा आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

बता दें कि सीएचसी से 50 मीटर की दूरी पर संचालित तेजस हॉस्पिटल में भर्ती युवती के साथ इलाज करने वाले डॉक्टर विजय कुमार गिरि पर नशीला इंजेक्शन लगाकर दुष्कर्म का आरोप लगा है। जब परिजनों को इस बात का पता चला तो उन लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है। युवती को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।

बताया जाता है बख्शी का तालाब के एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय युवती एक प्राइवेट कॉलेज के हॉस्टल में रहकर तीन माह का डिप्लोमा कोर्स कर रही है। युवती को बीते रविवार को चक्कर आने की शिकायत पर हॉस्टल वार्डन की सूचना पर परिजनों ने दुबग्गा के पास निजी अस्पताल में इलाज करवाया। मंगलवार को फिर से उसकी तबीयत बिगड़ने पर अपने परिचित की मदद से बख्शी का तालाब तहसील सड़क तेजस हॉस्पिटल में शाम को भर्ती करवाया। युवती के उसके साथ माता-पिता और बड़ी बहन भी साथ थी। 

पीड़िता ने बताया कि बुधवार की दोपहर उसकी नाक में ऑक्सीजन के लिए पाइप डालने के लिए डॉक्टर उसे ओटी में ले गए। इसके पहले कलाई में लगी वीगो से उसे इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसको कुछ पता नहीं चल सका। होश में आने पर उसको अपने कपड़े अस्त-व्यस्त मिले।

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