मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली, महराजगंज। उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सोनौली नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे कोठई माता मंदिर निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार नगर पालिका के जेई/बड़े बाबू संजय श्रीवास्तव तथा संबंधित ठेकेदार हरिनंदन उपाध्याय की निगरानी में चल रहे निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न कर स्थानीय स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि मंदिर निर्माण परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत भुगतान भी किया जा चुका है, जबकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। नागरिकों का आरोप है कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।

मामले की जानकारी और पक्ष जानने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। अधिकारियों की चुप्पी से स्थानीय लोगों में और अधिक असंतोष व्याप्त है।
नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए धन उपलब्ध करा रही है, लेकिन कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यशैली सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर लगातार सवाल उठते रहेंगे।