बेलहिया भन्सार में मारपीट से मचा हड़कंप, दलाली के आरोपों ने फिर खोली व्यवस्था की पोल

द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ की चेतावनी के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई? भन्सार कार्यालय में हाथापाई तक पहुंचा विवाद

सोनौली/बेलहिया।
कुछ दिनों पूर्व द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ ने बेलहिया भन्सार कार्यालय में कथित दलाली, अव्यवस्था और यात्रियों के शोषण से जुड़े आरोपों को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समाचार प्रकाशित होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता का ही परिणाम है कि गुरुवार को भन्सार कार्यालय परिसर में विवाद मारपीट तक पहुंच गया।

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बेलहिया भन्सार कार्यालय में गुरुवार को भन्सार बनवाने पहुंचे लोगों और कथित दलालों के बीच जमकर कहासुनी और मारपीट होने की सूचना है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सबसे गंभीर बात यह रही कि विवाद के दौरान कोई जिम्मेदार सुरक्षाकर्मी तत्काल बीच-बचाव करता नजर नहीं आया।

 

बताया जाता है कि बड़ी संख्या में पर्यटक, व्यापारी और अन्य यात्री भन्सार बनवाने के लिए लाइन में खड़े थे। इसी दौरान लाइन और प्राथमिकता को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गया। घटना के बाद काफी देर तक परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भन्सार कार्यालय में लंबे समय से कुछ कथित बिचौलिये सक्रिय हैं, जो भारत से आने वाले बाहरी पर्यटकों और यात्रियों से 200 से 500 रुपये तक अतिरिक्त राशि लेकर उनका भन्सार जल्दी बनवा देते हैं। आरोप यह भी है कि घंटों लाइन में खड़े लोगों के दस्तावेजों को पीछे छोड़ पहले दलालों द्वारा लाए गए कागजात निपटाए जाते हैं, जिससे आम लोगों में भारी नाराजगी है।

सूत्रों के अनुसार भन्सार प्रक्रिया में कथित कमीशनखोरी और अवैध वसूली का खेल भी लंबे समय से चल रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यदि नेपाल की भ्रष्टाचार निवारण एजेंसियां और संबंधित जांच संस्थाएं अचानक छापेमारी कर निष्पक्ष जांच करें तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने नेपाल सरकार, भन्सार विभाग और संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था में व्यापक सुधार, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा कथित दलाली पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सीमा पर स्थित यह महत्वपूर्ण कार्यालय पारदर्शिता और जवाबदेही का उदाहरण बनना चाहिए, न कि विवादों और आरोपों का केंद्र।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *