भारी टैक्स चोरी की आशंका, जांच शुरू
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू! नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल (APF) ने चीन-नेपाल सीमा से जुड़े मुस्तांग के कोरला नाका (Korala Border Checkpoint) के जरिए नेपाल में घुसाई गईं 775 इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) को भारी टैक्स चोरी की आशंका में जब्त किया है। जून 2026 के पहले सप्ताह में हुई इस कार्रवाई को नेपाल के हालिया इतिहास में गाड़ियों की अवैध एंट्री और टैक्स घोटाले पर अब तक का सबसे बड़ा एक्शन माना जा रहा है।
शुरुआत में 750 गाड़ियां पकड़ी गई थीं, लेकिन रातों-रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद कुल संख्या 775 गाड़ियां तक पहुंच गई।
सशस्त्र पुलिस बल ने नेपाल पुलिस के साथ मिलकर मुस्तांग के जोमसोम Jomsom), पर्वत के कुश्मा (Kushma), कास्की के हेमजा (Hemja) और नुवाकोट के पासांग ल्हामु हाईवे से इन गाड़ियों को अपने नियंत्रण में
लिया है। इनमें से अधिकांश गाड़ियां चीन की मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी BYD की इलेक्ट्रिक कारें हैं। पकड़े जाने के वक्त इन सभी गाड़ियों पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं लगी थी।
यह पूरा मामला नेपाल के राष्ट्रीय बजट (National Budget) और ईवी टैक्स दरों में बदलाव से जुड़ा हुआ है। नेपाल सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स बढ़ाने की तैयारी की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि टैक्स दरों में इस बढ़ोतरी की जानकारी बजट घोषणा से पहले ही कुछ बड़े आयातकों (Importers) और कस्टम एजेंटों को लीक कर दी गई थी।
टैक्स बढ़ने के डर से आयातकों ने चीनी अधिकारियों और भ्रष्ट कस्टम अधिकारियों से कथित साठगांठ की। उन्होंने पुरानी (कम) टैक्स दरों का फायदा उठाने के लिए बजट पेश होने से ठीक पहले कागजों पर इन सैकड़ों गाड़ियों की क्लीयरेंस करवाकर उन्हें सीमा पार करा दिया।
शुरुआती जांच के अनुसार, जब्त की गई अधिकांश गाड़ियां नेपाल में BYD की आधिकारिक वितरक कंपनी ‘साइमैक्स इंक’ (Cymax Inc.) द्वारा आयात की गई मानी जा रही हैं, हालांकि कंपनी ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और जांच में सहयोग की बात कही है।
सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता डीआईजी विष्णु प्रसाद भट्ट (DIG Bishnu Prasad Bhatta) के अनुसार, सभी 775 गाड़ियों को कानूनी दस्तावेजों की कड़ाई से जांच करने के लिए भंसार विभाग (Department of Customs) को सौंपा जा रहा है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने रसुवा के केरुंग-नेपाल सीमा सीमा शुल्क कार्यालय के प्रमुख तुलसी भट्टाराई सहित कई बड़े अधिकारियों को पूछताछ और स्पष्टीकरण के लिए सीधे मंत्रालय तलब किया है।
यदि जांच में सीमा शुल्क और टैक्स नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो इन गाड़ियों को पूरी तरह जब्त कर इनकी नीलामी (Auction) की जा सकती है और संलिप्त कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।