पहली बारिश में सामने आईं खामियां, शिकायत के बाद रुका निर्माण कार्य
उमेश चंद्र त्रिपाठी/मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली/महराजगंज। नगर पंचायत सोनौली क्षेत्र स्थित प्राचीन कोटई माता मंदिर के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक ऋषि त्रिपाठी की पहल पर स्वीकृत धनराशि से कराए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। स्थानीय निवासी आशीष तिवारी सहित कई लोगों का दावा है कि निर्माण में उपयोग की गई सामग्री अपेक्षित गुणवत्ता की नहीं थी। उनका कहना है कि पहली ही बारिश में मंदिर की छत और लिंटर से पानी टपकने लगा, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया।

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने निर्माण की लागत और कार्य की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि सवाल उठाने वालों पर दबाव बनाने और कार्रवाई की चेतावनी देने का प्रयास किया गया।
इस बीच, मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वीडियो में निर्माण कार्य की कथित खामियां दिखाई गई हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार शिकायत क्षेत्रीय विधायक ऋषि त्रिपाठी तक पहुंचाई गई। शिकायत और वीडियो का संज्ञान लेते हुए विधायक ने जांच पूरी होने तक संबंधित निर्माण कार्य को रुकवाने की पहल की। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक की मंशा मंदिर का बेहतर विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाना था, लेकिन निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं के आरोपों ने पूरे प्रकरण को विवादों में ला दिया है।
मामले पर प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ की टीम ने जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया। अधिकारियों के कार्यालय से बताया गया कि दोनों अधिकारी बैठक में व्यस्त हैं। बाद में लिखित सूचना उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
अब पूरे मामले पर ग्रामीणों, मंदिर समिति और क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हैं। लोगों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच, खर्च की गई धनराशि की पारदर्शी समीक्षा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आस्था के केंद्र कोटई माता मंदिर के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए तथा जनता के धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए।
अस्वीकरण: समाचार में उल्लिखित आरोप स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर समिति से जुड़े लोगों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित ठेकेदार, निर्माण एजेंसी, नगर पंचायत अथवा अन्य पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।