भंसार, फोटोकॉपी और नेपाली QR भुगतान के नाम पर भी हो रही वसूली, सीमा क्षेत्र के लोगों में बढ़ी नाराजगी
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज/सोनौली। नेपाल में भारतीय वाहनों के लिए लागू नई ऑनलाइन भंसार (कस्टम) व्यवस्था सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। नेपाल में प्रवेश के समय ऑनलाइन एंट्री के साथ अब वापसी के दौरान ऑनलाइन एग्जिट कराना भी अनिवार्य कर दिया गया है। एग्जिट न कराने पर दोपहिया वाहनों पर प्रतिदिन 1200 नेपाली रुपये तथा चार पहिया व बड़े वाहनों पर 2500 नेपाली रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऑनलाइन प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी न होने और तकनीकी दिक्कतों का फायदा उठाकर कुछ फोटोस्टेट एवं साइबर कैफे संचालक भंसार और दस्तावेजों की फोटोकॉपी के नाम पर 200 से 500 रुपये तक अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के नाम पर नेपाली बैंक खातों से जुड़े QR कोड के माध्यम से भुगतान कराने की व्यवस्था का भी कुछ लोग दुरुपयोग कर रहे हैं। आरोप है कि नेपाली खाते में पैसा जमा कराने के नाम पर जरूरतमंद लोगों से अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है, जिससे भारतीय यात्रियों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सीमा क्षेत्र के व्यापारियों, वाहन चालकों और समाजसेवियों का कहना है कि नई व्यवस्था को लागू करने से पहले लोगों को पर्याप्त जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली की सुविधा न होने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने के लिए उन्हें निजी साइबर कैफे और एजेंटों का सहारा लेना पड़ता है, जहां मनमाने शुल्क वसूले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने नेपाल सरकार एवं संबंधित अधिकारियों से ऑनलाइन भंसार प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने, भारतीय डिजिटल भुगतान माध्यमों को मान्यता देने तथा सीमा पर आधिकारिक सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग की है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक जुर्माने और अवैध वसूली से राहत मिल सके।