दिलीप त्रिपाठी
महराजगंज। मदनपुरा गौशाला में मृत गायों के मिलने तथा पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार के विरोध में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के बाद धरने की अनुमति नहीं मिलने पर तीन कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टावर पर चढ़ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 20 जून को गौरक्षक राहुल गुप्ता, चंदन दुबे, विवेक मौर्य, कुलदीप, प्रदीप सहित अन्य कार्यकर्ता मदनपुरा गौशाला की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे थे। पहले उन्हें अंदर जाने से रोका गया, लेकिन बाद में प्रवेश मिलने पर गौशाला परिसर में दो मृत गायें मिलीं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मृत गायों का कई दिनों तक उचित निस्तारण नहीं किया गया था।

विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना है कि जब उन्होंने इस स्थिति का विरोध किया तो गौशाला प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया। संगठन ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने गौभक्तों के साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में मदनपुरा गौशाला से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने, कथित रूप से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने तथा गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रशासन द्वारा धरने की अनुमति न दिए जाने पर निचलौल विकासखंड के विवेक मौर्य, सिसवा विकासखंड के चंदन दुबे और सदर तहसील क्षेत्र के बिशनपुर निवासी शशिकांत वर्मा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टावर पर चढ़ गए।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और कार्यकर्ताओं को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक करीब दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद तीनों कार्यकर्ता टावर पर डटे हुए थे, जबकि प्रशासन लगातार उनसे वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहा था।