नौतनवा में विकास या खेल? करोड़ों के कामों पर उठे बड़े सवाल

नगर पालिका के विकास कार्यों पर घमासान, मंदिर निर्माण से टेंडर तक जांच की मांग

रिपोर्ट: मनोज कुमार त्रिपाठी

नौतनवा। नगर पालिका परिषद नौतनवा में वर्षों से कराए गए विकास कार्यों, मर्चाहे बाबा कुटी स्थित राम-जानकी मंदिर निर्माण और टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विकास कार्यों की गुणवत्ता, सरकारी धन के उपयोग, टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा मंदिर निर्माण में खर्च हुई धनराशि को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इन सभी मामलों की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।

भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्र जायसवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2006 से 2022 के बीच नगर पालिका क्षेत्र में सड़कों, नालियों, इंटरलॉकिंग, सार्वजनिक शौचालयों तथा अन्य विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि कई निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराए गए, स्थानीय स्तर की घटिया सामग्री का उपयोग किया गया तथा कई सड़कें और इंटरलॉकिंग निर्माण एक वर्ष भी नहीं टिक सके। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर एक ही सड़क का दोबारा निर्माण कराकर सरकारी धन निकाला गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

जितेंद्र जायसवाल ने कहा कि नगर पालिका में कराए गए अनेक निर्माण कार्य समय से पहले क्षतिग्रस्त हो गए। कई सार्वजनिक शौचालय और अन्य परियोजनाएं भी अपेक्षित गुणवत्ता की नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2006 से 2022 तक हुए सभी विकास कार्यों की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि किस योजना से कितना धन स्वीकृत हुआ, कितना खर्च किया गया और कार्य मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं।

उन्होंने कहा कि नगर पालिका के तत्कालीन जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के साथ-साथ उस अवधि में हुई संपत्ति वृद्धि की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, आय से अधिक संपत्ति अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

मर्चाहे बाबा कुटी स्थित राम-जानकी मंदिर निर्माण को लेकर भी जितेंद्र जायसवाल ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मंदिर निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि के अनुरूप धरातल पर कार्य दिखाई नहीं देता। उन्होंने निर्माण कार्य का तकनीकी परीक्षण, खर्च का ऑडिट तथा गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर की भूमि को लेकर भी लंबे समय से विवाद बना हुआ है। राजस्व अभिलेखों तथा न्यायालय में लंबित प्रकरण के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामलों की भी जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

जितेंद्र जायसवाल ने यह भी मांग की कि नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में होने वाले प्रत्येक सरकारी निर्माण स्थल पर योजना की लागत, स्वीकृत एस्टीमेट, कार्यदायी संस्था, ठेकेदार का नाम, निर्माण अवधि तथा उपयोग होने वाली सामग्री का विवरण दर्शाने वाला सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, ताकि आम नागरिक भी विकास कार्यों की पारदर्शिता की निगरानी कर सकें।

उन्होंने नगर पालिका परिषद नौतनवा और नगर पंचायत सोनौली में विकास कार्यों के टेंडर को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अधिकांश निर्माण कार्यों के ठेके कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को ही दिए जाते हैं। उन्होंने पूरी निविदा प्रक्रिया, पात्रता, भागीदारी, निविदा खोलने की प्रक्रिया तथा कार्य आवंटन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है तो जांच से सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे।

जितेंद्र जायसवाल ने कहा कि वर्ष 2006 से 2022 तक नगर पालिका में हुए सभी विकास कार्यों, खर्च, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से जनता के सामने वास्तविक स्थिति आएगी और यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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