“बच्चे पर कथित पुलिसिया कहर” के आरोप से गरमाई सियासत, करणी सेना ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
नौतनवा, महराजगंज। नौतनवा कस्बे में एक नाबालिग बालक के साथ कथित पुलिसिया मारपीट के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले को लेकर क्षत्रिय करणी सेना ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) नौतनवा को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
करणी सेना द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, वार्ड संख्या-23 लोहिया नगर निवासी मो. समल (पुत्र मो. अमीर), जो नाबालिग है, के साथ कस्बा चौकी इंचार्ज द्वारा कथित रूप से मारपीट की गई। संगठन का आरोप है कि घटना में बालक को शारीरिक चोटें आईं और वह मानसिक रूप से भी प्रभावित हुआ।
ज्ञापन में कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। यदि किसी नाबालिग के साथ कानून के विपरीत व्यवहार हुआ है, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।

करणी सेना की प्रमुख मांगें
- वरिष्ठ अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- पीड़ित का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए।
- सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
- जांच पूरी होने तक संबंधित चौकी इंचार्ज को मामले से अलग रखने पर विचार किया जाए।
- आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
करणी सेना के जिला अध्यक्ष सत्यम सोनी ने कहा कि कानून के समक्ष सभी समान हैं। यदि किसी अधिकारी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है, तो उसके खिलाफ भी निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि पारदर्शी जांच से ही जनता का कानून और पुलिस व्यवस्था पर विश्वास कायम रहेगा।
फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।