जो सोचते हैं कल का, वही असली नेता होते हैं,जो डरते नहीं मुश्किलों से,वही इतिहास लिखते हैं
बाहुबलियों पर विधायक ऋषि त्रिपाठी द्वारा कराया जा रहा विकास कार्य पड़ रहा है भारी
सार
समाधान का दिखावा करना और सच में समाधान करना दोनों में फर्क छोटा नहीं, बल्कि जमीन-आसमान का होता है।
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! नौतनवां की जागरूक जनता को अब ये समझना होगा कि कौन सालों तक “अपनेपन” का सिर्फ अभिनय करता
रहा,और कौन ऐसा निकला जिसने एक मौका मिलते ही असंभव को संभव कर दिखाया।

हां बात हो रही है सेमरहवा में करोड़ों की लागत से स्वीकृत उस पुल की,
जिसका वादा तो कई बड़े-बड़े दिग्गजों ने किया, लेकिन उसे हकीकत में बदलने का जज्बा और क्षमता सिर्फ माननीय विधायक श्री ऋषि त्रिपाठी जी ने दिखाया। आज उस पुल का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ये केवल एक पुल नहीं है, ये विश्वास का सेतु है… विकास का प्रतीक है… और उस सोच का प्रमाण है, जो सिर्फ बातें नहीं, कर के दिखाता है।

उपलब्धियां गिनाने बैठेंगे तो पन्ने कम पड़ जाएंगे, ऊर्जा ऐसी कि हर दिन नया इतिहास लिखने को तैयार,
दूर दृष्टि ऐसी कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार दे। बस जरूरत है आपके साथ की,आपके विश्वास की और आपके आशीर्वाद की।
फिर देखिए हर वो सपना साकार होगा, जिसे अब तक सिर्फ “वादा” समझा जाता था। बाढ़ के समय नाव पर बैठकर राहत सामग्री वितरण का दिखावा करने से बेहतर है, ऐसी व्यवस्था खड़ी करना कि बाढ़ ही समस्या न बने।

बैराज का निर्माण, नदियों के किनारे बोल्डर पिचिंग, पहाड़ी नालों का सुदृढ़ीकरण, सड़कों का चौड़ीकरण, केंद्रीय विद्यालय, अग्निशमन केंद्र, स्टेडियम, खेल मैदान, अस्पतालों में MBBS डॉ की तैनाती इत्यादि ये सब दिखाते हैं कि यह नेतृत्व समस्या की जड़ पर वार करता है, न कि फोटो खिंचवाने पर। काम का दिखावा नहीं, काम ही पहचान है।
वो लफ्जों से नहीं, काम से पहचान बनाते हैं, जो ठान लें, उसे हर हाल में अंजाम तक पहुंचाते हैं। वादों की सियासत तो सब करते हैं यहां, पर ऋषि त्रिपाठी जी वादों को हकीकत बनाते हैं। जो सोचते हैं कल का, वही असली नेता होते हैं, जो डरते नहीं मुश्किलों से, वही इतिहास लिखते हैं।