उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! भारत से नेपाल में अवैध रूप से घुसपैठ करते समय पकड़ा गया अमेरिका का पूर्व नेवी सील्स जार्डन ब्राउन शनिवार को पूछताछ के दौरान बार- बार बयान बदलता रहा। भारत में आने के उद्देश्य, ट्रैवल हिस्ट्री व मददगारों के बारे में भी पूछताछ की गई। इस दौरान जार्डन ने नाम व पते को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित किया। उसने तीन अलग-अलग नाम बताकर अपनी पहचान छिपाने का प्रयास किया।
जार्डन ने भारत में अपने मददगार राज, चेतन व नाज के बारे में जानकारी दी । जिसके आधार पर पुलिस उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। थाईलैंड से फ्लाइट द्वारा दिल्ली एयरपोर्ट आने की पुष्टि हो चुकी है, जहां से वह इमीग्रेशन को चकमा देकर भाग निकला था। 11 जुलाई को महराजगंज जनपद के सोनौली कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर सीमा पर पकड़े जाने के बाद एसएसबी, आइबी, रा के साथ ही पुलिस की टीम उसकी पहचान व भारत आने के उद्देश्य के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस रिमांड को लेकर शनिवार की सुबह से ही गहमा-गहमी का माहौल रहा। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद जार्डन को पुलिस रिमांड पर देने संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। सुबह 10 बजे भगवानपुर चौकी प्रभारी व विवेचक अजय कुमार बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ जिला जेल पहुंचे।
यहां कागजी औपचारिकता पूरी करने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने उसे जिला अस्पताल न ले जाकर कारागार में ही चिकित्सकीय परीक्षण कराया।
जिला जेल से भागने की कोशिश करने के कारण पुलिस पूरी तरह से सतर्क थी। जेल अधीक्षक वीके गौतम ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद जार्डन ब्राउन को सुबह 10 बजे पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
जार्डन ब्राउन द्वारा 16 जुलाई की शाम जेल में बने शौचालय पर चढ़कर भागने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद जेल में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में अधीक्षक ने अलार्म बजाकर बंदी रक्षकों को बुलाया, जिसके बाद वह काबू में आ सका। इस घटना के बाद जेल प्रशासन के साथ ही पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी अलर्ट हो गए।