शिकायतकर्ता मीना गुप्ता का दावा—पासबुक, वाउचर और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां; जांच रिपोर्ट पर भी उठे सवाल, एसपी से शिकायत की तैयारी।
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर के पीपीगंज पोस्ट ऑफिस में एक बचत खाते से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक ही खाते के संचालन और लेनदेन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि राशि एक व्यक्ति द्वारा जमा की गई, जबकि निकासी किसी अन्य व्यक्ति के नाम से दिखाई गई, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रांजेक्शन, पासबुक और दस्तावेजों को नजरअंदाज किया गया। कथित ऑडियो बातचीत में जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि मूल जांच फाइल गायब कर दूसरी रिपोर्ट लगा दी गई, जिसमें सभी लेनदेन का उल्लेख नहीं किया गया।
बातचीत में पासबुक की वास्तविकता, ₹2 लाख सहित अन्य लेनदेन, वाउचर और संबंधित खाते के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि सभी रिकॉर्ड सही हैं तो संबंधित पासबुक, खाता विवरण और ट्रांजेक्शन का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, कथित बातचीत में जांच अधिकारी ने कहा कि जांच उपलब्ध अभिलेखों और वाउचर के आधार पर की गई है तथा यदि किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेजों की जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
शिकायतकर्ता ने मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिलकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और कथित ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की सत्यता का अंतिम निर्णय सक्षम जांच एजेंसी और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
