खुशी त्रिपाठी
नई दिल्ली।
दिल्ली की सियासत में 21 जुलाई को एक सवाल सबसे ज्यादा गूंजता दिखाई दिया—”कहां ले जा रहे हो, पुलिस भाई?” यह सवाल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उस समय मुस्कुराते हुए पुलिसकर्मियों से पूछा, जब उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस बस में बैठाया जा रहा था। उनका यह सहज अंदाज़ कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

हालांकि इस मुस्कान के पीछे राजधानी में चल रहा बड़ा राजनीतिक टकराव था। NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन ने संसद से लेकर सड़क तक माहौल गर्मा दिया।
संसद के मानसून सत्र के दौरान 21 जुलाई को स्थिति उस समय अचानक बदल गई, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध जता रहा था।
प्रदर्शन तेज होने पर दिल्ली पुलिस ने हस्तक्षेप किया। हालात को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी नेताओं को संसद मार्ग थाने ले जाया गया।

इसी दौरान पुलिस बस में बैठे अखिलेश यादव का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह मुस्कुराते हुए पुलिसकर्मियों से पूछते नजर आए—”कहां ले जा रहे हो, पुलिस भाई?” उनका यह अंदाज़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
धरना 21 जुलाई की दोपहर राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ था। कांग्रेस और विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
हिरासत में लिए जाने से पहले अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी बनती है कि वे छात्रों की मांग स्वीकार करें। आखिर छात्रों की मांग क्यों नहीं मानी जा रही है?”
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी।
इससे पहले समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी जंतर-मंतर पर हुए विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।