उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नई दिल्ली! दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज, आसू गैस के गोले दागने, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा विरोध प्रदर्शन के कारण उनकी गिरफ्तारी सहित सैकड़ों कांग्रेसी सांसदों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में महराजगंज स्थित सक्सेना चौक पर आज एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। जिसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट ने किया तथा संचालन जिला कोषाध्यक्ष कपिल देव शुक्ल द्वारा किया गया।
जिला उपाध्यक्ष संगठन विनोद सिंह की देखरेख में होने वाले इस धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और धरने के बाद जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता अपनी गिरफ्तारी देने के लिए कोतवाली की तरफ कूच कर गए। जहां पर उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा द्वारा मौके पर ही सबकी गिरफ्तारी और बाद में रिहाई की घोषणा की गई।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी भारत में जनरल डायर की तरह काम कर रहे हैं। लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्रों का या आंदोलन सरकार की नींव की अंतिम ईट भी हिला देगा और मोदी को झोला लेकर भागना पड़ेगा।

कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक प्रसाद ने कहा कि आज भारत का युवा राहुल गांधी के नेतृत्व में अंगड़ाई ले रहा है और अपने हक को मांगने के लिए सड़क पर लाठी खाने पर मजबूर है। आने वाले दिनों में यही युवा परिवर्तन का वाहक बनेगा।
पूर्व प्रदेश महासचिव त्रिभुवन नारायण मिश्रा एवं पूर्व जिलाध्यक्ष झिनकू चौधरी ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और कांग्रेस पार्टी की कार्यकर्ताओं की प्रशंसा की जिनके द्वारा अल्प समय में सैकड़ों की संख्या में नौजवान आज सड़क पर उतरकर राहुल गांधी के गिरफ्तारी का विरोध कर रहा हैं।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सदा मोहन उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा और यदि उनका इस्तीफा नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों को पद से हटाना पड़ेगा।
अन्य मुख्य वक्ताओं में राजन शुक्ला, पूर्णमासी यादव, इंजीनियर शिवपूजन, गोविंद मिश्रा, अंबरीष शाही, हनुमान कनौजिया, कुंज बिहारी, निषाद मोहम्मद, गनी राम, नारायण प्रसाद, चंदन तिवारी, जय प्रकाश शाही, अफजल अब्बासी, सहित अन्य लोगों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये।

धरना एवं प्रदर्शन में मुख्य रूप से नूर आलम, डॉक्टर अकील अहमद, चंद्रजीत भारती, घनश्याम गुप्ता, जनार्दन गुप्ता, प्रमोद पांडे, डॉक्टर घनश्याम मिश्रा, अमर मणि पासवान, गोलू मिश्रा, महताब आलम, एडवोकेट मनीष सिंह, एडवोकेट राम बहादुर सिंह, श्याम करण पासवान, लालू प्रसाद यादव, मोहम्मद वहाब, युनुस अंसारी, दिनेश यादव, राजेंद्र प्रसाद, शंकर वर्मा, मुमताज अंसारी, आनंद कनौजिया, संदीप तिवारी, अनुज कुमार, शीला यादव, अनु त्रिपाठी, नरसिंह उपाध्याय, संतोष मोदनवाल, अफजाल अंसारी, सुभाष शर्मा, महेंद्र कुमार गौतम, जमील अहमद, अरविंद कुमार, अशोक कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।