भारत-नेपाल की खुली सीमा बनी सुरक्षा चुनौती! 

नेपाल पुलिस प्रमुख ने रोहिंग्या, पाकिस्तानी और सोमाली नागरिकों के अवैध प्रवेश पर जताई चिंता

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

काठमांडू! नेपाल की राजधानी काठमांडू से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नेपाल पुलिस के प्रहरी महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की ने भारत-नेपाल की खुली सीमा से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि खुली सीमा, भारत के रास्ते नेपाल में शरणार्थियों का अवैध प्रवेश और सीमावर्ती इलाकों में कानूनी क्षेत्राधिकार से जुड़ी जटिलताएं सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

सिंह दरबार में आयोजित संघीयता, सबलीकरण तथा राष्ट्रीय सरोकार समिति की बैठक को संबोधित करते हुए प्रहरी महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की ने सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के दौरान नेपाल पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि हाल के समय में रोहिंग्या, पाकिस्तानी और सोमाली शरणार्थियों के भारत के रास्ते नेपाल में अवैध रूप से प्रवेश के मामले सामने आए हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं। प्रहरी महानिरीक्षक के मुताबिक नेपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में समूह बनाकर रह रहे कुछ ऐसे लोगों की गतिविधियां सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील पाई गई हैं।

दान बहादुर कार्की ने बताया कि जांच के दौरान कुछ लोगों के नशीले पदार्थों के कारोबार जैसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी भी सामने आई। ऐसे मामलों में पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित निकायों को सौंपने की प्रक्रिया अपनाई।

उन्होंने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में रोहिंग्या शरणार्थियों की मौजूदगी को भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती बताया। नेपाल पुलिस लगातार ऐसे लोगों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था कायम रखी जा सके।

हालांकि प्रहरी महानिरीक्षक कार्की ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा दोनों देशों के बीच सहयोग और संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा संबंधी कई जटिल चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए सीमा नियंत्रण, सूचनाओं के आदान-प्रदान और सुरक्षा समन्वय को और मजबूत करना जरूरी है। भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी सहयोग और बेहतर समन्वय से ही सीमा से जुड़ी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

यानी नेपाल पुलिस प्रमुख का संदेश साफ है—खुली सीमा दोनों देशों के लिए सहयोग का माध्यम जरूर है, लेकिन बदलती सुरक्षा परिस्थितियों में इसके बेहतर प्रबंधन और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

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