नदी में छलांग लगाकर डूबते बच्चे को बचाने के लिए भरपूर किया प्रयास, कुदरत के आगे हो गए लाचार
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! मड़ियांव क्षेत्र स्थित गोमती नदी में एक युवक को डूबने की खबर मिलते ही इंस्पेक्टर मड़ियांव सहित कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। तभी डूबते हुए युवक पर उपनिरीक्षक विमलेश सिंह चंदेल की नजर पहुंची कि अपनी जान की परवाह किए बगैर मासूम बच्चे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी।
वह तैरते हुए युवक को पकड़ा और उसे नदी से बाहर निकाल लिया, लेकिन कुदरत के आगे लाचार हो गए। दरोगा द्वारा दिखाई गई हिम्मत की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो तो हर कोई जांबाज दरोगा की सराहना करने लगा। लोगों का कहना है कि अभी भी पुलिस महकमे में तैनात कुछ पुलिसकर्मी बहादुर हैं।
मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित गोमती नदी में रविवार को एक युवक को डूबने की खबर मिलते ही इंस्पेक्टर मड़ियांव सहित कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इन्हीं पुलिसकर्मियों में मौजूद कुछ पुलिसकर्मी तमाशबीन की तरह नजर आ रहे थे, लेकिन मड़ियांव थाने में तैनात उपनिरीक्षक विमलेश सिंह चंदेल खुद को रोक नहीं पाए और अपनी जान की परवाह किए बगैर नदी में छलांग लगा दी। दरोगा विमलेश सिंह चंदेल उसे बचाने के अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन वह कुदरत के आगे लाचार हो गए। बच्चे की मौत हो गई। दरोगा विमलेश सिंह चंदेल सिर्फ आम जनता में नहीं बल्कि पूरे पुलिस महकमे का मान बढ़ाया।