उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! राजधानी लखनऊ में विराम खंड चौकी प्रभारी आखिरकार पुलिस उपायुक्त पूर्वी की क्राइम टीम के प्रभारी भी हैं, लेकिन क्षेत्र में कानून व्यवस्था के हालात बिगड़े स्तर पर हैं। पीड़ित संतुष्ट नहीं है, आरोपी बेखौफ है, अवैध कारोबार के संचालक के हौसले बुलंद हैं, इन स्थितियों पर थाना गोमतीनगर के विराम खंड चौकी के प्रभारी और उनके पुलिस टीम का क्या अस्तित्व होगा?
कहीं विवेचना निस्तारण नहीं हुआ, तो कहीं चौराहे पर लगे CCTV कैमरा को खराब बताते हैं, तो कहीं सिर्फ चोर और चैन स्नैचर को पकड़ कर उच्च अधिकारियों को संतुष्ट करने में लगे रहते हैं।
कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली बेहद खराब स्थिति में है, इनके संपर्क में आने वाले भी उतने ही खराब कार्यशैली वाले हो जाएंगे, जितना इनकी तारीफ हो रही है…
आज पुलिस आयुक्त लखनऊ के कार्यालय का घेराव किया गया है, मोहसिन हसन पर तीन दिन के अंदर FIR दर्ज होने की मांग की गई है। गोमती नगर थाना में निहारिका त्रिपाठी की प्रार्थना पत्र पर भी FIR दर्ज होने की मांग की गई है, पर क्या पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही होगी?