2283 प्रतिबंधित इंजेक्शन, कार और मोबाइल बरामद; बैरियहवा पुल पर पुलिस-SSB की संयुक्त कार्रवाई
मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में नौतनवा पुलिस और एसएसबी को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बैरियहवा पुल के पास कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 2283 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को करीब रात 1:45 बजे बैरियहवा पुल के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। इसके बाद नौतनवा पुलिस टीम ने एसएसबी के सहयोग से घेराबंदी कर मो. जिलानी उर्फ जाकिर निवासी बहादुर शाहनगर, नौतनवा और सुग्रीव निवासी गजरहा, नौतनवा को गिरफ्तार किया।
चार प्रकार के 2283 इंजेक्शन बरामद
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित नशीली दवाओं के कुल 2283 एम्पुल बरामद हुए। इनमें—
– CEREJACK DIAZEPAM INJECTION IP – 566 एम्पुल
– IPPL BUPRENORPHINE INJECTION IP – 776 एम्पुल
– ABBOTT PROMETHAZINE HYDROCHLORIDE INJECTION PHENERGAN – 861 एम्पुल
– DIAZERIAN DIAZEPAM INJECTION – 80 एम्पुल
इसके अलावा एक कीपैड फोन, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 980 रुपये नकद और सफेद रंग की स्विफ्ट कार संख्या UP53ED7338 भी बरामद की गई।
NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज
नौतनवा थाने में मु0अ0सं0 155/2026 के तहत धारा 8/21/23 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी (IPS) के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ (PPS) के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नौतनवा वसंत सिंह (PPS) और थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।
कार्रवाई में शामिल टीम
नौतनवा पुलिस टीम:
प्रशान्त दूबे, रोहित यादव, कांस्टेबल रजनीश कुमार और कांस्टेबल अनुराग यादव।
एसएसबी टीम:
सहा. कमांडेंट (सामान्य) समरजीत सिंह, निरीक्षक जितेन्द्र कुमार ठाकुर, एएसआई दीपक करमाकर, मुख्य आरक्षी मिथलेश कुमार, कांस्टेबल जीडी राजेश छान्गुर और कांस्टेबल जीडी धर्मेन्द्र कुमार।
सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बरामदगी को भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अहम कार्रवाई माना जा रहा है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इन दवाओं की सप्लाई और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।

