कला और संस्कृति के दूत बने कल्पित, झापा से दुनिया तक पहुंचाया नेपाल का गौरव
मनोज कुमार त्रिपाठी
वियतनाम में अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद गृह जिला झापा लौटे कलाकार और सामाजिक अभियंता माधव कल्पित का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। राजधानी काठमांडू से झापा पहुंचे कल्पित का भद्रपुर हवाईअड्डे पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और समर्थकों ने उत्साहपूर्ण तरीके से स्वागत किया।

स्वागत कार्यक्रम में नाट्य प्रतिष्ठान, नागरिक बचाव महाअभियान नेपाल और नागरिक बचाव दल नेपाल के कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इसके साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी इस अवसर पर मौजूद रहे। बाजे-गाजे, फूल-मालाओं और खादा ओढ़ाकर किए गए स्वागत ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
माधव कल्पित को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान वियतनाम सरकार द्वारा झापा में स्थापित ‘झापा नाटक घर’ और सांस्कृतिक संग्रहालय के प्रभावी संचालन तथा सांस्कृतिक संरक्षण में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान 8 मार्च 2026 को वियतनाम के दानांग शहर में आयोजित एक विशेष समारोह में दिया गया था।
WATCH FULL VIDEO ON FACEBOOK 👇 👇
https://www.facebook.com/share/v/1CPzJFazQb/
सम्मान प्राप्त करने के बाद स्वदेश लौटे कल्पित ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे नेपाली कला, संस्कृति और समाजसेवा के प्रति समर्पित है। उन्होंने आगे भी सांस्कृतिक विकास, कला संवर्धन और सामाजिक अभियानों को और मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि माधव कल्पित ने स्थानीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक नेपाल की कला और पहचान को नई ऊंचाई दी है। यह सम्मान न सिर्फ झापा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।