भारत-नेपाल सीमा के लाखों यात्रियों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री और रेलमंत्री को भेजा जनहित ज्ञापन
महराजगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित नौतनवा रेलवे स्टेशन से देश के प्रमुख शहरों के लिए प्रतिदिन सीधी एक्सप्रेस एवं सुपरफास्ट ट्रेनों के संचालन की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में समाजसेवी ओमप्रकाश वर्मा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को नौतनवा रेलवे स्टेशन मास्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं रेलमंत्री, भारत सरकार को हस्ताक्षरयुक्त महजरनामा/जनहित ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा गया है कि नौतनवा रेलवे स्टेशन भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण रेल केंद्र है, लेकिन प्रमुख महानगरों और धार्मिक स्थलों के लिए पर्याप्त सीधी रेल सेवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। यात्रियों को गोरखपुर अथवा अन्य स्टेशनों पर ट्रेन बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से पांच प्रमुख मांगें रखी हैं—
पहली मांग: नौतनवा रेलवे स्टेशन से गोरखपुर होते हुए नई दिल्ली के लिए प्रतिदिन सीधी एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ट्रेन चलाई जाए।
दूसरी मांग: नौतनवा से वाराणसी (बनारस) के लिए प्रतिदिन सीधी एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू किया जाए।
तीसरी मांग: नौतनवा से देहरादून-हरिद्वार के लिए प्रतिदिन सीधी एक्सप्रेस ट्रेन उपलब्ध कराई जाए, जिससे हरिद्वार, ऋषिकेश तथा उत्तराखंड के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।
चौथी मांग: नौतनवा से छपरा-पटना एवं कोलकाता के लिए प्रतिदिन एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ट्रेन चलाई जाए, ताकि पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों से सीमावर्ती क्षेत्र का सीधा रेल संपर्क स्थापित हो सके।
पांचवीं मांग: ज्ञापन में नौतनवा रेलवे क्षेत्र में ट्रेन ठहराव के लिए उपलब्ध रेल यार्ड सुविधा का बेहतर उपयोग करने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यातायात का दबाव कम होगा, नौतनवा में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा रेलवे की आय में भी वृद्धि हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए नौतनवा से प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवाएं शुरू करने की दिशा में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि नई ट्रेनों के संचालन से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन, रोजगार और आवागमन को भी बड़ा लाभ मिल सकता है।







