मनोज कुमार त्रिपाठी
नौतनवां/महराजगंज। ग्राम पंचायत मंगलापुर के मोहनापुर टोले स्थित प्राथमिक विद्यालय में कराए जा रहे टाइल्स निर्माण कार्य को लेकर सामने आए वीडियो के बाद निर्माण की गुणवत्ता और सामग्री के अनुपात पर सवाल उठे हैं। वीडियो में सीमेंट, बालू और मोरंग के मिश्रण को लेकर मौके पर काम कर रहे मिस्त्री से सवाल-जवाब किए गए थे।
वीडियो में मिस्त्री की ओर से करीब एक बोरी सीमेंट के साथ पांच बोरी बालू मिलाए जाने की बात कही गई। वहीं मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री को दिखाते हुए यह सवाल उठाया गया कि सादी बालू की मात्रा अधिक दिखाई दे रही है, जबकि मोरंग अपेक्षाकृत कम नजर आ रही है।
वीडियो सामने आने और मामले पर सवाल उठने के बाद निर्माण कार्य को लेकर जांच की चर्चा शुरू हुई। इसके बाद मौके पर आनन-फानन में दोबारा काम शुरू किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि आखिर जांच की बात सामने आने के बाद निर्माण कार्य में तेजी क्यों दिखाई गई और क्या कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता एवं अनुपात का तकनीकी सत्यापन कराया गया है?
हालांकि, केवल वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के विपरीत है। इसकी वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग के तकनीकी अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण, सामग्री की मात्रा का सत्यापन और आवश्यकता पड़ने पर सैंपल की तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
मौके पर मौजूद व्यक्ति से यह भी पूछा गया कि निर्माण कार्य किसके द्वारा कराया जा रहा है, जिस पर ग्राम प्रधान द्वारा कार्य कराए जाने की बात कही गई।
अब बड़ा सवाल यह है कि प्राथमिक विद्यालय में चल रहे टाइल्स कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। यदि शिकायत और वीडियो के आधार पर जांच कराई जाती है तो तकनीकी परीक्षण से ही निर्माण कार्य की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी।



