नेपाल की बाढ़ से महराजगंज हाई अलर्ट! 1.50 लाख क्यूसेक पानी पहुंचा वाल्मीकि बैराज, DM-SP ने नाव से गांडक नदी का लिया जायजा

उमेश चन्द्र त्रिपाठी/मनोज कुमार त्रिपाठी 

महराजगंज। नेपाल के तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद महराजगंज में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। त्रिशूली और नारायणी नदी में बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने नाव से गंडक नदी का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राहत एवं बचाव टीमों, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है।

एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत-नेपाल सीमा क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी थी। इसके चलते downstream क्षेत्रों की नदियों और सहायक नदियों में भारी जलप्रवाह देखने को मिला। खासकर त्रिशूली और नारायणी नदी के बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

महराजगंज के सोहगीबरवा और निचलौल क्षेत्र में SDRF और PAC के जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा SSB के साथ लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि भोटेकोशी नदी त्रिशूली नदी प्रणाली का हिस्सा है और त्रिशूली, नारायणी नदी की सहायक नदी है। ऐसे में नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने देर रात तक निगरानी जारी रखी।

डीएम के अनुसार, रात में करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी वाल्मीकि बैराज तक पहुंचा था, हालांकि फिलहाल जलप्रवाह स्थिर बताया जा रहा है। बावजूद इसके नेपाल में एडवाइजरी जारी होने और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट बरकरार रखा है।

फिलहाल प्रशासन की नजर नेपाल से आने वाले पानी और नारायणी नदी के जलस्तर पर है। संवेदनशील इलाकों में राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *