उमेश चन्द्र त्रिपाठी
गोरखपुर! गोरखपुर के माथाबारी गांव में गुरुवार को भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने ग्रामीण विद्यार्थियों, युवाओं और जनसमुदाय से आत्मीय संवाद किया। कार्यक्रम में 50 से अधिक गांवों से विद्यार्थी और ग्रामीण शामिल हुए।
वायु सेना प्रमुख ने ग्रामीण बालिकाओं के लिए स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी ‘वाग्देवी-ज्ञानवर्धन केन्द्र’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ संस्कार, अनुशासन, मजबूत चरित्र और मानवीय मूल्यों का विकास भी जरूरी है।
युवाओं को प्रेरित करते हुए एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने कहा कि “एक सपना, एक लक्ष्य, एक प्रतिबद्धता और एक उद्देश्यपूर्ण जीवन” को अपना मंत्र बनाएं। उन्होंने युवाओं से तकनीकी दक्षता के साथ संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
सरस्वती गुरुकुल के विद्यार्थियों ने वायु सेना प्रमुख से शिक्षा, नेतृत्व, राष्ट्रसेवा और भविष्य से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने सहज अंदाज में विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दिया और कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया।

वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह गुरुवार को गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों, विद्यार्थियों और युवाओं के साथ संवाद किया। उनके दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर खास उत्साह देखने को मिला। वायु सेना प्रमुख अपनी पत्नी के साथ पीपीगंज क्षेत्र के माथाबारी गांव पहुंचे और वहां लोगों से मुलाकात की।
दौरे के दौरान एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गांव के लोगों से बातचीत कर उनकी गतिविधियों और स्थानीय परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से भी संवाद किया। इस दौरान शिक्षा, अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और देश के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
वायु सेना प्रमुख के गांव पहुंचने से स्थानीय लोगों में उत्साह नजर आया। ग्रामीणों और युवाओं ने उनके साथ बातचीत की तथा उनके अनुभवों को जानने में रुचि दिखाई। विद्यार्थियों के लिए भी यह अवसर खास रहा, क्योंकि उन्हें देश की वायु सेना के शीर्ष अधिकारी से सीधे बातचीत करने का मौका मिला।
अमर प्रीत सिंह ने सरस्वती गुरुकुल का भी दौरा किया। यहां उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनकी पढ़ाई तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जाना। छात्रों ने भी वायु सेना प्रमुख से बातचीत की और उनके अनुभवों से परिचित होने का अवसर प्राप्त किया। शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे संवाद विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माने जाते हैं। देश की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारी से बातचीत के जरिए विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और जिम्मेदारी के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।
वायु सेना प्रमुख ने विद्यार्थियों के सवाल सुने और उनसे बातचीत की। इस दौरान युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने तथा शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी जोर देने का संदेश मिला। दौरे के दौरान एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं। दोनों ने सरस्वती गुरुकुल में लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। पुस्तकालय के शुरू होने से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है।
लाइब्रेरी किसी भी शैक्षणिक संस्थान का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। किताबों और अध्ययन सामग्री तक बेहतर पहुंच विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनकी सामान्य जानकारी बढ़ाने में भी मदद करती है। ऐसे में गुरुकुल में नई लाइब्रेरी की शुरुआत को छात्रों के लिए उपयोगी पहल माना जा रहा है। गोरखपुर दौरे में युवाओं के साथ संवाद भी प्रमुख रहा। एयर चीफ मार्शल ने युवा वर्ग के साथ बातचीत कर उनके विचार और आकांक्षाएं जानीं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए वायु सेना प्रमुख से मिलने का यह अवसर विशेष रहा।
ऐसे कार्यक्रमों के जरिए सेना और आम नागरिकों के बीच संवाद को भी बढ़ावा मिलता है। खासकर युवा पीढ़ी में रक्षा सेवाओं के प्रति जानकारी और रुचि बढ़ाने में इस तरह के संवाद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। माथाबारी गांव में ग्रामीणों के साथ बातचीत और सरस्वती गुरुकुल में विद्यार्थियों से मुलाकात के बाद वायु सेना प्रमुख का दौरा स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।


