सर्राफा व्यवसाई से स्मैक कारोबार के मामले में ₹ 2 लाख रिश्वत मांगने का मामला
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! उत्तर प्रदेश में पहली बार शायद ऐसा होगा जब किसी करप्शन के मामले में सीधे नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। यूपी के शाहजहांपुर में सर्राफा व्यवसाई से वसूली में फंसे चारों सिपाहियों पर गिर सकती है गाज,सेवा समाप्ति की तैयारी।
दरअसल शाहजहांपुर में चार सिपाहियों ने सर्राफा व्यवसाई को स्मैक कारोबार के मामले में फंसाने और धमकाने का मामला सही पाया गया है।फंसे चारों सिपाहियों ने दो लाख रूपये मांगें थे। मामले के खुलासे के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।मामले की विवेचना में सर्राफा व्यवसाई की अपने पिता से हुई बातचीत की काल रिकॉर्डिंग को भी अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इधर एसओजी के पहुंचने से पहले नामजद मेरठ निवासी सिपाही अरुण चित्तौड़िया और तुषार गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली भाग गए। दोनों वहां अपने परिचितों के माध्यम से अधिवक्ताओं से संपर्क कर अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में थे। लोकेशन के आधार पर एसओजी दिल्ली पहुंची,लेकिन दोनों सिपाही वहां से निकल गए।
पुलिस अब उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। क्या लगता है आने वाले समय में इस प्रकार से करप्शन के बाद सेवा समाप्ति की प्रक्रिया सही फैसला साबित होगा।

