मुख्यमंत्री योगी और रविकिशन समेत 17 नेताओं को मिली जगह
चार बार के पूर्व विधायक और वर्तमान राज्यसभा सांसद डॉ राधामोहन दास अग्रवाल का सूची में नाम न होने से चर्चा तेज
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
गोरखपुर! भारतीय जनता पार्टी ने गोरखपुर महानगर कार्यसमिति का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद रविकिशन समेत 17 विशेष आमंत्रित सदस्यों की एक विस्तृत सूची जारी की है। इस फेरबदल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और महिला चेहरों को शामिल किया गया है। हालांकि, पूर्व विधायक एवं मौजूदा राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल का नाम सूची में शामिल न होने के कारण राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए गोरखपुर महानगर कार्यसमिति का बड़ा विस्तार किया है। पार्टी की ओर से जारी की गई नई और संशोधित सूची में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कुल 17 बड़े और दिग्गज नेताओं को ‘विशेष आमंत्रित सदस्य’ के रूप में शामिल किया गया है।
महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता की तरफ से जारी इस सूची में शीर्ष पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम है। इसके अलावा गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद और अभिनेता रविकिशन शुक्ला, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह को इस अहम सूची में प्रमुखता से जगह दी गई है।
पार्टी के पुराने दिग्गजों और महिला नेतृत्व को भी मिला प्रतिनिधित्व
इस नई कार्यसमिति में केवल मौजूदा जनप्रतिनिधियों को ही नहीं, बल्कि पार्टी के पुराने, अनुभवी और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाले चेहरों को भी शामिल किया गया है। सूची में रमेश सिंह, पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय, महिला नेत्री अंजू चौधरी, पूर्व महापौर सीताराम जायसवाल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पूर्व एमएलसी तथा पूर्व राष्ट्रीय सचिव विनोद पांडेय के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही, पूर्व उपसभापति व पार्षद मनु जायसवाल, पवन त्रिपाठी, ऋषि मोहन, व्यापारी नेता विशाल गुप्ता और वरिष्ठ भाजपा नेता देश बंधु शुक्ला को भी विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इस तरह पार्टी ने संगठन, प्रशासनिक अनुभव, महिला नेतृत्व और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गजों के बीच बेहतरीन संतुलन साधने की कोशिश की है।
आगामी चुनावों को लेकर संगठन को सक्रिय करने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह संगठनात्मक विस्तार महज एक रूटीन प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके जरिए आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की पकड़ और रणनीति को और अधिक धार दी जा रही है। पिछले कुछ महीनों से पार्टी लगातार गोरखपुर क्षेत्र और महानगर स्तर पर नई टीमों की घोषणा कर रही है। अगस्त महीने में 22 सदस्यीय महानगर टीम घोषित की गई थी और सितंबर की शुरुआत में गोरखपुर क्षेत्र की नई टीम सामने आई थी। अब कार्यसमिति का यह विस्तार निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
राधामोहन दास अग्रवाल का नाम न होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
इस फेरबदल के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जिस एक बात की हो रही है, वह है चार बार के पूर्व विधायक, वर्तमान में राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल का नाम इस सूची में न होना। गोरखपुर की राजनीति में डॉ. अग्रवाल का एक बड़ा और प्रभावशाली कद रहा है, ऐसे में 17 विशेष आमंत्रित सदस्यों की इस हाई-प्रोफाइल सूची से उनका नाम गायब होना स्थानीय राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं और कयासों को जन्म दे रहा है।
हालांकि, पार्टी संगठन की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, इसलिए जानकारों का कहना है कि इसे फिलहाल सांगठनिक व्यवस्था के एक हिस्से के रूप में ही देखा जाना चाहिए।



