धानी ढाला रेलवे फाटक बना मुसीबत, घंटों जाम में फंस रही एंबुलेंस

ओवरब्रिज निर्माण और अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर भड़के छात्र-राहगीर, प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी

दिलीप त्रिपाठी 

महराजगंज (फरेंदा)। आनंदनगर कस्बे का व्यस्ततम धानी ढाला रेलवे फाटक इन दिनों स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। ट्रेनों के आवागमन के दौरान बार-बार और लंबे समय तक फाटक बंद होने से सड़क पर लंबा जाम लग रहा है। हालात यह हैं कि कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंसकर रह जाती हैं, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

फाटक बंद होते ही लग जाता है लंबा जाम

स्थानीय लोगों के अनुसार धानी ढाला मार्ग आनंदनगर को आसपास के क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। फाटक बंद होते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। फाटक खुलने के बाद भी सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन और अतिक्रमण के कारण जाम जल्दी नहीं खुल पाता। इससे राहगीरों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ती है।

एंबुलेंस फंसने से बढ़ी चिंता

सबसे गंभीर स्थिति उस समय बनती है जब आपातकालीन मरीज को लेकर एंबुलेंस जाम में फंस जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हूटर बजाने के बावजूद भीड़ और संकरी सड़क के कारण एंबुलेंस को रास्ता मिलना मुश्किल हो जाता है। लोगों ने मांग की है कि आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए यहां तत्काल प्रभावी व्यवस्था की जाए।

छात्रों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित

फाटक पर लगने वाले जाम का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाने और दोपहर में छुट्टी के समय जाम लगने से स्कूली बसें, वैन और साइकिल सवार छात्र-छात्राएं रास्ते में फंस जाते हैं। छात्रों का कहना है कि कई बार देरी के कारण उनकी कक्षाएं प्रभावित होती हैं और परीक्षा के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती है।

अतिक्रमण ने बढ़ाई समस्या

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि रेलवे फाटक के आसपास सड़क किनारे दुकानें, ठेले और अन्य अतिक्रमण के कारण मार्ग काफी संकरा हो गया है। फाटक खुलने के बाद वाहनों की भीड़ और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों ने रेलवे और नगर पंचायत प्रशासन से संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

जनता की दो टूक—ओवरब्रिज ही स्थायी समाधान

लगातार बढ़ती समस्या से परेशान नागरिकों ने धानी ढाला पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क और रेल यातायात को अलग करने के लिए ओवरब्रिज नहीं बनाया जाता, तब तक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं—

पहली, धानी ढाला पर जल्द से जल्द ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए।

दूसरी, रेलवे फाटक के आसपास व्यापक अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाए और सड़क को पूरी तरह सुगम बनाया जाए।

नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जनहित और आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

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