यूपी के आजमगढ़ में चार की हत्या से सनसनी, आरोपी भी ढेर 

बीवी-बेटे और दो पुजारियों की हत्या, घर में कैद कातिल भी एनकाउंटर में मारा गया

घर में हो रही पूजा-पाठ को लेकर दिया था घटना को अंजाम 

अहरौला थाना के शंभूपुर गांव में हुई घटना का मामला 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

आजमगढ़! यूपी के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में 40 वर्षीय पत्नी बबिता सिंह, नौ वर्षीय बेटे शौर्य और दो पंडितों महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मंगलवार शाम गोली मारकर हुई हत्या के मामले में घटना को अंजाम देकर खुद को कमरे में कैद करने वाले 45 वर्षीय बेखौफ अरविंद सिंह को एटीएस, एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। 

बताया जा रहा है कि बेखौफ आरोपित अरविंद सिंह पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी थी।

इस दौरान वह अपने मासूम बच्चों को आगे खड़ा कर बचने के लिए पुलिस पर गोलियां बरसा रहा था, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में खूनी खेल खेलने वाला अरविंद ढेर हो गया।

बताया जा रहा है कि करीब सात घंटे तक आरोपी पुलिस को छकाता रहा और उसे पुलिस समझाती रही कि मासूम बेटे शौर्य के सीने में भी गोलियों की बरसात कर मौत की नींद सुला दिया। 

गौर करें कि आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की पत्नी बबिता सिंह मंगलवार शाम पंडितों से पूजा-पाठ करा रहीं थीं।

बताया जा रहा है कि अरविंद ने पंडितों से कहा था कि वह जब कहेंगे तब आना पूजा-पाठ करने, लेकिन पंडितों ने उनकी बात को अनसुना करते हुए मंगलवार को ही पूजा-पाठ करने आ गए थे। 

यह बात अरविंद सिंह को नागवार गुजरी और दोनों पंडितों से उनका आधार कार्ड मांग लिया। पटखौली गांव निवासी पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा व उनके पुत्र हिमांशु मिश्रा बहसबाजी करने लगे और पत्नी बबिता सिंह भी पति से कहासुनी करने लगी। तभी अरविंद सिंह अपनी लाइसेंसी राइफल से 40 वर्षीय पत्नी बबिता सिंह व दोनों पंडितों की गोली मारकर हत्या करने के बाद अपने बच्चों को कमरे में लेकर बंद कर लिया।

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारी एटीएस व एसओजी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मकान की घेराबंदी कर अरविंद सिंह को घर से बाहर निकलने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माना। खुद को बचने के लिए काफी देर तक पुलिस टीम को छकाता रहा और इसी दौरान बेखौफ अरविंद ने अपने नौ साल के बेटे शौर्य सिंह के सीने में गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया।

कमरे के भीतर चली गोलियों की आवाज सुनकर पुलिस आनन-फानन में कमरे का दरवाजा तोड़वाकर भीतर दाखिल हुई तो अरविंद पुलिस टीम पर भी फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अरविंद भी ढेर हो गया। 

पुलिस ने करीब सात घंटे के बाद अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकलवाने में कामयाब रही, लेकिन एक मासूम बच्चे को बचाने में नाकाम रही।

मंगलवार देर रात करीब एक बजे थे। शंभूपुर गांव में रोज की तरह सामान्य माहौल था। तभी भारी पुलिस फोर्स ने पूरे मकान को घेर लिया। चारों ओर पुलिस नाकेबंदी कर घर में कैद बच्चों को सकुशल बाहर निकालने के लिए पोजीशन ली कि इसी दौरान खुद को पुलिस से बचने के लिए बेखौफ अरविंद अपने मासूम बच्चे की जान लेने के बाद संयुक्त पुलिस टीम पर फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी।

पुलिस के सामने बच्चों को बचाना मानो एक बड़ी चुनौती थी लेकिन तब तक अरविंद अपने मासूम बच्चे को मौत की नींद सुला दिया। यह मंजर देख पुलिस दरवाजा तोड़वाकर भीतर दाखिल हुई तो वह अपनी लाइसेंसी राइफल से पुलिस टीम पर भी गोलियां बरसानी शुरू कर दी, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में खूनी खेल खेलने वाला अरविंद सिंह वहीं ढेर हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *