लुंबिनी के लिए फ्री बस, होटल स्टे पर 15% की छूट- होटल व्यवसाई संघ नेपाल
मनोज कुमार त्रिपाठी
भैरहवा नेपाल! 47 वें विश्व पर्यटन दिवस-2026 के अवसर पर सोट्टो नेपाल, लुंबिनी प्रदेश द्वारा सोनौली बॉर्डर के बेलहिया सीमा नाका पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष का मुख्य संदेश “डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पर्यटन की पुनः परिकल्पना” रखा गया।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारतीय सीमा से नेपाल आने वाले पर्यटकों के लिए बेलहिया सीमा से भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी तक निःशुल्क बस सेवा की शुरुआत की गई। होटल संघ नेपाल (HAN), लुंबिनी प्रदेश ने 28 सितंबर 2026 से प्रदेश के सभी होटलों में पर्यटकों के लिए 15 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की।
पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत से अन्नपूर्णा क्षेत्र जा रहे 4 विदेशी पर्यटकों को ढाका टोपी, खादा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें काठमांडू व पोखरा का निःशुल्क भ्रमण पैकेज दिया गया।

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि देश के 77 में से 74 जिलों में पर्यटन पूरी तरह सुरक्षित, सहज और संचालित है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिद्धार्थ नगर पालिका के नगर प्रमुख इस्तियाक अहमद खान ने AI और डिजिटल मीडिया के जरिए लुंबिनी को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने और पर्यटकों के प्रवास को कम से कम 5 दिनों तक बढ़ाने पर जोर दिया।
कृष्ण प्रसाद घिमिरे महासचिव, सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ PPP मॉडल के जरिए पर्यटन अवसंरचना और सुविधाओं के विकास की आवश्यकता बताई।
होटल व्यवसाई संघ के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश श्रेष्ठ ने सीमा नाकों पर पर्यटकों की अनावश्यक जांच और झंझट को समाप्त करने की मांग उठाई।
सोट्टो नेपाल लुंबिनी के अध्यक्ष संजय
बजिमय ने बेलहिया, भैरहवा और लुंबिनी को प्रमुख पर्यटन द्वार के रूप में प्रमोट करने और सुरक्षित पर्यटन का सकारात्मक संदेश देने की बात कही।
सोट्टो नेपाल लुंबिनी प्रदेश की कार्य समिति में अध्यक्ष संजय बजिमय, निवर्तमान अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक भंडारी, प्रथम उपाध्यक्ष संजीव कुमार जोशी, द्वितीय उपाध्यक्ष सुजीत श्रीवास्तव, महासचिव मनीष तमांग, सचिव नलिन न्यौपाने, कोषाध्यक्ष संतराम चौधरी और सह-कोषाध्यक्ष अंबिका गुरुंग शामिल हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव मनीष तमांग ने किया। इसमें डिजिटल तकनीक, AI के प्रयोग, सीमा क्षेत्र में पर्यटक-अनुकूल सेवाओं और निजी क्षेत्र के सहयोग से नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।
