नौतनवा में प्रशासन और पुलिस पिकेट के नाक के नीचे हो रही गुंडागर्दी , बिना वैध पार्किंग स्थल के लिया जा रहा नेपाली प्राइवेट गाड़ियों से पार्किंग शुल्क !

जानकारी देने पर भी प्रशासन मौन , भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल ने CO को सौंपा ज्ञापन

प्राइवेट कार रोककर ₹50 मांगने का आरोप, पार्किंग ठेकेदार के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग

मनोज कुमार त्रिपाठी 

नौतनवा/महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवा कस्बे में नेपाली नंबर की प्राइवेट गाड़ियों से कथित तौर पर पार्किंग शुल्क की वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट वैध पार्किंग स्थल के निजी वाहनों को रोककर पार्किंग शुल्क के नाम पर ₹50 की मांग की जा रही है। खास बात यह है कि यह कथित वसूली ऐसे स्थान पर होने का आरोप है, जहां पुलिस पिकेट और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था मौजूद रहती है।

मामले को लेकर भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र जायसवाल ने 27 सितंबर 2026 को पुलिस क्षेत्राधिकारी, सर्किल नौतनवा को शिकायती पत्र सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

शिकायती पत्र के अनुसार, 26 सितंबर को नेपाली नंबर की प्राइवेट कार लु. 15 च 3645 से उनके भतीजे सारंग जायसवाल नौतनवा आए थे। आरोप है कि गांधी चौक के पास नगर पालिका द्वारा दिए गए पार्किंग शुल्क के कथित ठेके से जुड़े लोगों ने उनकी निजी कार को रोक लिया और ₹50 पार्किंग शुल्क की मांग की।

बताया गया कि जब कार सवार ने सवाल किया कि निजी कार से किस आधार पर पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है, तो मौके पर मौजूद वसूली करने वाले व्यक्ति से बहस हो गई। आरोप है कि इसके बाद संबंधित व्यक्ति कार के सामने खड़ा हो गया और ₹50 दिए जाने के बाद ही वाहन को आगे जाने देने की बात कही।

जितेंद्र जायसवाल ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि मौके पर लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड होने की संभावना है तथा संबंधित DVR नौतनवा थाने में उपलब्ध है। ऐसे में CCTV फुटेज की जांच कर घटना की वास्तविकता सामने लाने की मांग की गई है।

भाजपा नेता का आरोप है कि इस प्रकार की कथित वसूली की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद समस्या पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उनका कहना है कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े नौतनवा में नेपाली नागरिकों की निजी गाड़ियों का आवागमन सामान्य है और यदि निजी वाहनों से नियमों के विपरीत शुल्क लिया जा रहा है तो यह गंभीर जांच का विषय है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग ठेके से संबंधित दस्तावेज, वैध पार्किंग स्थल, शुल्क वसूली के अधिकार तथा CCTV फुटेज की जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि शिकायत के बाद पुलिस और प्रशासन CCTV फुटेज व पार्किंग ठेके के दस्तावेजों की जांच कर मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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